हरियाणा का वर्ष 2020-21 का बजट 28 फरवरी को आ सकता है। मंगलवार को विधानसभा सचिवालय ने बजट सत्र का संभावित कार्यक्रम जारी कर दिया है। विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत 20 फरवरी को सुबह 11 बजे होगी। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के बजट अभिभाषण के साथ सत्र शुरू होगा।
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अभिभाषण के बाद आधे घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। इसके बाद बीते सत्र से बजट सत्र के बीच हुए गणमान्य व्यक्तियों के निधन पर दो मिनट का मौन रखा जाएगा और शोक प्रस्ताव पढ़े जाएंगे। इसके बाद अन्य विधायी कार्य होंगे। 20 फरवरी को ही सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक भी बुलाई है। दोपहर बाद दो बजे सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक होगी। इसमें अनेक अहम निर्णय लिए जाएंगे। बजट के संभावित प्रारूप को भी मंत्रिमंडल मंजूरी दे सकता है।
इसके अलावा मंत्रिमंडल बैठक में नई आबकारी नीति भी मंजूर की जा सकती है। इसके अलावा जनहित के अनेक एजेंडा पर मुहर लगेगी। विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी बजट सत्र के संभावित कार्यक्रम अनुसार 21, 22, 23 फरवरी को अवकाश रहेगा। 24, 25 व 26 फरवरी को राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा होगी। 27 फरवरी को गैर कार्य दिवस रहेगा।
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28 फरवरी को बजट प्रस्तुत करने का कार्यक्रम तय किया गया है। इस पर अंतिम मुहर 20 फरवरी को बजट सत्र शुरू होने से पहले बीएसी यानि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में होगा। इसमें सीएम, नेता प्रतिपक्ष, स्पीकर, डिप्टी सीएम, संसदीय कार्यमंत्री इत्यादि मौजूद रहेंगे। इस में ही अधिकारिक रूप से तय होगा कि बजट किस दिन आएगा।
बजट में व्यापारियों ने सरकार से मांगा खास तोहफा
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल की बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा की गई। साथ ही कार्यकारिणी का भी विस्तार हुआ। व्यापारियों ने मांग की कि इस बजट सत्र में भी सरकार व्यापारियों को राहत देती हुई घोषणा करे।
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने कहा कि प्रदेश में किसी व्यापारी के साथ जाती सहन नहीं की जाएगी। व्यापारी की हर समस्या को हल कराने का हमारा प्रियास रहेगा। व्यापारी हितों के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
उधर, संगठन विस्तार में जगमोहन मितल रोहतक, उमेश गोयल को व्यापार मंडल का प्रदेश संरक्षक बनाया गया है। व्यापार मंडल का प्रदेश उपप्रधान राहुल जैन रोहतक, रमेश कुमार लोहिया हिसार, सुशील मितल सिरसा, पवन गोयल सोनीपत, सतीश छिकारा बहादुरगढ़ को बनाया गया है। प्रदेश सचिव राम अवतार तायल हांसी, कृष्ण गोयल पंचकूला, ललित बंसल बल्लभगढ़, ताराचंद तनेजा हिसार को बनाया गया है।
प्रदेश संगठन मंत्री प्रवीण गर्ग पलवल, विनोद गोयल इस्माईलाबाद, सुशील जैन पिल्लूखेड़ा व प्रदेश प्रचार सचिव राजीव गुप्ता कैथल, विनोद गर्ग दादरी को बनाया गया है। कार्यकारी सदस्यों में प्रवीण मित्तल अंबाला, संजय गांधी हांसी, चंदा सिंह व नरेंद्र धनखड़ झज्जर, बबलू गुप्ता गुड़गांव, लक्ष्मीनारायण मंगला पुहाना मेवात, कृष्ण बंसल हिसार, अशोक नारंग फतेहबाद, तरसेम गोयल आदमपुर, देवेंद्र जिंदल पेहवा इत्यादि शामिल हैं।
बजट सत्र में पुरानी पेंशन बहाली का प्रस्ताव लाए सरकार
बजट सत्र से पहले पुरानी पेंशन बहाली की मांग एक बार फिर से बुलंद हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि बजट सत्र में सरकार इस संदर्भ में प्रस्ताव लाए और उसे पास करवाए। यदि ऐसा नहीं होता, तो कर्मचारियों का फिर से आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी। बताते चलें कि इस बार विधानसभा चुनाव में कई राजनीतिक दलों ने पुरानी पेंशन बहाली को मुद्दा बनाते हुए उसे अपनी घोषणा पत्र का हिस्सा बनाया था।
पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष व नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के राष्ट्रीय संगठन सचिव विजेंद्र धारीवाल ने कहा कि संघर्षरत संगठनों के प्रयासों से केंद्र सरकार ने ऐसे सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के दायरे में लाने का फैसला किया है, जिनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2004 से पहले तक हो गई थी। वह किसी वजह से 31 दिसंबर 2003 तक ज्वाइन नहीं कर पाए थे। इस फैसले से विभिन्न विभागों में सेवारत बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों को लाभ मिलेगा।
धारीवाल ने कहा कि राज्य सरकार से कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन नीति की बहाली के पुरानी पेंशन नीति की बहाली के लिए संगठन संघर्षरत है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनके अनुसार हरियाणा सरकार 20 तारीख से शुरू हो रहे बजट सत्र में हरियाणा के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन नीति का प्रस्ताव लेकर आए, अन्यथा इसके तुरंत बाद पेंशन बहाली संघर्ष समिति जिला और राज्य कमेटी की मीटिंग कर बड़े आंदोलन की घोषणा करेगी।
उन्होंने कहा कि इस बार का आंदोलन करो या मरो का आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला चुनाव के दौरान कर्मचारियों को सरकार में आते ही पुरानी पेंशन निति बहाल करने का वादा कर चुके हैं अब कर्मचारियों को उम्मीद हैं की दुष्यंत चौटाला जल्द से जल्द अपने वादे को पूरा करें अन्यथा पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा हर मंच पर सरकार का विरोध करेगी।