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डेपुटेशन पर चंडीगढ़ आए हरियाणा के टीचर्स को लगेगा झटका, जानें क्यों?

Thu, 28 Dec 2017 11:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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teachers on deputation
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हरियाणा से डेपुटेशन पर चंडीगढ़ आए शिक्षकों को बड़ा झटका लगने वाला है। मनोहर सरकार ने यहां जमे शिक्षकों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है। इसे लेकर हरियाणा सरकार व यूटी प्रशासन अधिकारियों में सहमति भी बन गई है। यूटी प्रशासन जल्दी शिक्षकों को रिलीव करने का काम शुरू करेगा। हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ केके खंडेलवाल ने बुधवार को इसके मद्देनजर यूटी प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की।
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बैठक में 15 साल से अधिक समय से यूटी में जमे शिक्षकों का मुद्दा भी उठा। यूटी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इससे यूटी कैडर के शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हो रही है। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के शिक्षा सचिव बंसी लाल व टीचर्स यूनियन के सदस्यों ने कहा कि डेपुटेशन के नियमों को तोड़ा जा रहा है। यूटी कैडर एजुकेशन यूनियन के प्रेसिडेंट स्वर्ण सिंह कंबोज ने कहा कि डेपुटेशन पर आने वाले शिक्षकों के लिए स्पष्ट नियम हैं।

डेपुटेशन पर आने से पहले हर टीचर को ज्वाइंनिग स्टेट में पांच साल तक काम करना पड़ता है। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए प्रोबेशन पीरियड होता है। इसे हर शिक्षक को पूरा करना अनिवार्य है। डेपुटेशन पर आए अनेक शिक्षकों के अपने स्टेट कार्य की अवधि नियम के अनुरूप नहीं हैं और कुछ शिक्षकों के प्रोबेशन पीरियड भी क्लीयर नहीं हैं। डेपुटेशन पर काम करने वालों की संख्या लगभग सात सौ है। डेपुटेशन वाले टीचर हरियाणा में प्रमोशन पाते हैं और काम करने के लिए चंडीगढ़ आ जाते हैं।
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चंडीगढ़ में 1990 में ज्वाइन करने वाला टीचर वाइस प्रिंसिपल है जबकि हरियाणा का वर्ष 2002 की ज्वाइनिंग वाला टीचर प्रिंसिपल बना हुआ है। यूटी डेपुटेशन यूनियन के प्रेसिडेंट रणवीर सिंह ने कहा कि वह डेपुटेशन पर नहीं आए हैं, उनका तबादला हुआ है। एसीएस खंडेलवाल ने कहा कि डेपुटेशन के नियमों को पूरा करना होगा। 5 साल से अधिक कोई भी शिक्षक चंडीगढ़ में सेवाएं नहीं दे पाएगा।
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