विभाग दिवाली के बाद इन्हें स्कूलों का आवंटन कर देगा। नियुक्ति पत्र में स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर सत्यापन के समय शैक्षणिक दस्तावेज अनुभव, मूल निवासी प्रमाणपत्र गलत मिला तो नियुक्ति को रद्द कर दिया जाएगा।
संघर्ष की जीत हुई, समर्थन देने वालों को भी श्रेय
हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक धर्मेंद्र पहलवान व बनीता यादव ने इसे मैराथन संघर्ष की आंशिक सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि इस आंशिक सफलता का श्रेय बर्खास्त पीटीआई के आंदोलन के अलावा सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और उन सभी कर्मचारी, मजदूर, किसान संगठनों एवं जन प्रतिनिधियों को जाता है, जिन्होंने संकट के समय में सहयोग दिया।
उन्होंने आशा जताई कि सरकार शीघ्र बर्खास्त पीटीआई को ज्वाइंनिग करवा देगी। उन्होंने कहा कि ड्यूटी ज्वाइन होने तक जिलों में चल रहे धरनों को जारी रखा जाएगा। बाढड़ा विधायक नैना चौटाला ने भी सरकार व पीटीआई की नियुक्ति के बीच सेतु की भूमिका अदा की। उन्होंने मृतक पीटीआई के आश्रितों की रोकी गई मासिक वित्तीय सहायता को बहाल न करने पर नाराजगी भी जाहिर की और बिना किसी देरी के यह सुविधा बहाल करने का आग्रह किया।
1-2 जून 2020 को हुए थे बर्खास्त
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरियाणा सरकार के निर्देश पर विभाग ने 1-2 जून 2020 को पीटीआई को बर्खास्त कर दिया था। उसके बाद से इनका आंदोलन निरंतर जारी है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने सरकार से बर्खास्त पीटीआई को बिना किसी देरी के ज्वाइनिंग करवाने, वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।