देश विदेश में योग के नाम का डंका बजाने वाले योग गुरू बाबा रामदेव पर उठी उंगली के बाद हरियाणा अपने ब्रांड अंबेसेडर के बचाव में खुल कर सामने आ गया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पुत्र जीवक दवाओं को लेकर उठाए जा रहे सवालों का करारा जवाब दिया है। विज के मुताबिक विपक्षी दलों को इस मामले की जानकारी नहीं है।
विपक्ष बेवजह लोगों को गुमराह कर रहा है। विज ने कहा है कि स्वामी रामदेव ने भारत ही नहीं बल्कि विदेशो में रहने वाले लोगों को योग के जरिए नई दिशा दिखाई है। उन्होनें कहा कि पुत्र बीजक दवा सिर्फ उस औषधि का नाम है जो फर्टिलिटी की दवा है। इसका पुत्र पैदा होने से कोई ताल्लुक नहीं है।
हालांकि रामदेव की दवाओं से हरियाणा सरकार का कोई लेना देना नहीं है, लेकिन विपक्षी दलों ने स्वामी रामदेव को ब्रांड एंबेस्डर बनाने को लेकर हरियाणा की भाजपा सरकार को घेरे में लिया है। यह मामला हरियाणा विधानसभा में भी उठ चुका है। जिसके बाद स्वास्य मंत्री अनिल विज ने विपक्ष को करारा जवाब दिया था।
इस बार राज्यसभा में सांसद के.सी. त्यागी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के पानीपत से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की शुरूआत की थी। इसके बाद हरियाणा सरकार ने योग गुरू रामदेव को ब्रांड एंबेसेडर बना दिया, जबकि रामदेव की पतंजलि योग फार्मेसी द्वारा पुत्र बीजक दवा बेची जाती है। कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आजाद तथा समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने भी इस मुद्दे पर केसी त्यागी की बात का समर्थन करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
नेताओं का कहना है कि रामदेव खुद हरियाणा से हैं और हरियाणा में लिंगानुपात सबसे बड़ी समस्या है। इस प्रदेश के अधिकतर जिलों में लिंगानुपात बिगड़ा हुआ है। ऐसे में रामदेव दोहरी भूमिका निभाते हुए एक तरफ ब्रांड अंबेसेडर बनकर योगा का प्रचार कर रहे हैं तो दूसरी तरफ अपनी कंपनी की पुत्र बीजक दवा बेच रहे हैं।
तीनों नेताओं ने रामदेव को ब्रांड अंबेसेडर के पद से हटाए जाने की मांग की है। केसी त्यागी ने तो यहां तक कह दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना को हरियाणा की खट्टर सरकार पंचर करने का काम कर रही है।