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हरियाणा में जबरन रिटायर किए जाएंगे 'दागी' अफसर और कर्मी, डाटा इकट्ठा करने में जुटी सरकार

Sat, 09 Nov 2019 03:00 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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रिटायरमेंट - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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हरियाणा सरकार दागी अफसरों, कर्मचारियों पर जल्दी कड़ा प्रहार करेगी। सरकार ने दागियों को घर बिठाने की कसरत शुरू कर दी है। प्रदेश के सभी सरकारी विभागों से भ्रष्ट आचरण वाले और संदिग्ध निष्ठा वाले कर्मचारियों, अधिकारियों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
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डाटा एकत्रित होने पर 55 साल आयु या 25 साल की नौकरी पूरी कर चुके दागी अधिकारियों, कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत्ति दी जाएगी। सरकार के इस कदम से कर्मचारियों, अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। सरकार ने हाल ही में सभी विभागों को समय पूर्व सेवानिवृत्ति के लिए बनाई गई पॉलिसी का पत्र भेजा है।

इसमें उल्लेख है कि जिन कर्मियों, अधिकारियों की एसीआर सही नहीं है, भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं या रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं, कार्य निष्ठा संदेह के दायरे में है, उनकी पूरी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में भेजी जाए। जानकारी मिलने के बाद सरकार की उच्च स्तरीय समिति अपने स्तर पर उन अधिकारियों की जांच करेगी, उसके बाद जबरन सेवानिवृत्ति के आदेश जारी किए जाएंगे।
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विजिलेंस, बिजली निगमों में तैयार हो रहा डाटा

हरियाणा स्टेट विजिलेंस विभाग और प्रदेश के बिजली निगमों में दागी अफसरों और कर्मचारियों का डाटा इन दिनों तैयार किया जा रहा है। विजिलेंस में दो-तीन दिन पहले ही सरकार का पत्र पहुंचा है तो बिजली निगमों में चुनाव के दौरान से ही डाटा एकत्रित करने का काम चल रहा है। प्रदेश में नई गठबंधन सरकार अस्तित्व में आ चुकी है और भाजपा-जजपा दोनों का एजेंडा भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस का है। ऐसे में बड़े पैमाने पर प्रदेश के दागी अफसरों और कर्मचारियों की जल्दी समय प्री-मेच्योर रिटायरमेंट हो सकती है।

पहले भी जबरन रिटायर किए दागी
हरियाणा की पूर्व मनोहर लाल सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम साल में दागियों की जबरन रिटायरमेंट की नीति बनाई थी। पूर्व सरकार में इसे बड़े पैमाने पर लागू नहीं किया जा सका। हालांकि, अनेक विभागों में एक दर्जन से अधिक दागी अफसरों की छुट्टी जरूर हुई है। अब नई सरकार इस नीति को तेजी से सभी विभागों में लागू करेगी।

सकसं व एचएमवीए कर रहा विरोध
55 वर्ष की आयु या 25 वर्ष की सेवा के बाद कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की नीति का सर्व कर्मचारी संघ व हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन विरोध कर रही है। उन्होंने तमाम कर्मचारी संगठनों से इसके विरोध में एकजुट होने का आह्वान किया है। सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान सुभाष लांबा और हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के राज्य प्रधान रमेश मलिक ने कहा कि प्रदेश पहले ही बेरोजगारी के संकट से गुजर रहा है। ऐसे हालात में कर्मचारियों को  समय से पहले रिटायर कर रोजगार का संकट और भयंकर हो जाएगा।
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