हरियाणा की मनोहर सरकार ने 2019 मिशन के तहत चुनावी गियर डालते हुए सरकारी कर्मियों को साधने की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। वित्त विभाग ने कर्मचारियों को वित्तीय लाभ देने के लिए चार विभागों का वेतन ढांचा बदल डाला है। वित्त विभाग के प्रधान सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने सभी प्रशासनिक सचिवों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार, सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी और एसडीएम को बदले गए वेतन ढांचे अनुसार अपने-अपने विभागों में भी जरूरी कदम उठाने को कहा है।
सभी विभागों का वेतन ढांचा बदलने से हजारों कर्मियों को तो लाभ होगा ही नई भर्ती वालों की लाटरी लगेगी। सरकार ने फूड एंड ड्रग प्रशासन विभाग, ईएसआई विभाग, लॉ लेजिस्लेटिव विभाग में काल्पनिक तौर पर बदले वेतन ढांचे को पहली जनवरी 2016 से लागू करने का निर्णय लिया है, लेकिन वास्तविक तौर पर कर्मचारियों को इसका लाभ अधिसूचना जारी होने की तिथि से मिलेगा।
वित्त विभाग ने वेतन ढांचा बदलने के आदेश 17 अप्रैल 2018 से किए हैं, इसलिए कर्मियों को नए वेतन ढांचे का लाभ भी इसी तिथि से मिलना शुरू होगा। ऐसा ही अन्य विभागों में भी लागू होगा, जब उनका वेतन ढांचा बदलने के वित्त विभाग आदेश जारी करेगा, तभी से उन्हें वित्तीय लाभ मिलेंगे। यानि कि पहली जनवरी 2016 से आदेश जारी होने की तिथि के अंतराल का कर्मचारियों को एरियर नहीं मिलेगा।
अभी इन कर्मियों को मिलेगा लाभ
खाद्य एवं औषध प्रशासन विभाग व ईएसआई विभाग के लेबोरट्री तकनीशियन जनरल व को एफपीएल-5 से एफपीएल-6 में शामिल किया गया है। अब उन्हें फर्स्ट पे लेवल 35 हजार 400 रुपये मिलेगा। अभी ये इससे कम था। सरकार ने पिछले स्तर की राशि नहीं बनाई है। लॉ लेजिस्लेटिव विभाग के अधीक्षक लीगल व एएलओ-सीपीओ को एफपीएल-7 से एफपीएल-8 व नौ में शामिल किया है। एफपीएल-8 में चार साल की नियमित संतोषजनक सेवाएं पूरी करने पर वेतन 47600 और एफपीएल-9 में 53 हजार सौ रुपये मिलेगा।
लंबे विचार विमर्श के बाद लिया निर्णय
वित्त विभाग के प्रधान सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने विभागों को लिखे पत्र में कहा है कि सरकार ने लंबे विचार-विमर्श के बाद वेतन ढांचा सुधारने का फैसला लिया है। हरियाणा सिविल सर्विस रिवाइजड पे रूल्स, 2016 के रूल-17 के तहत यह अमल में लाया जाएगा। अन्य विभाग इसी अनुसार अपने वेतन ढांचे में सुधार कर सकते हैं।