मंत्री कविता जैन ने बताया कि प्रदेश भर में स्थापित पुनर्वास कालोनियां मसलन मॉडल टाउन, चार मरला, आठ मरला, टाउन प्लानिंग स्कीम, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के लिए वर्ष 2016 में रिहायशी भवन को व्यावसायिक भवन में बदलाव की नीति मंजूर कर दरें निर्धारित की गई थीं। सरकार ने उनमें 50 प्रतिशत की कमी की है।
रिहायशी भवन को व्यावसायिक बनाने के लिए चुकानी होंगी ये दरें
कविता जैन ने बताया कि रिहायशी भवन को व्यावसायिक बनाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम एवं फरीदाबाद में 15,324 रुपये प्रति वर्ग गज की जगह नगर निगम गुरुग्राम में अब 7662 रुपये और फरीदाबाद में 6896 रुपये प्रति वर्ग गज चुकाने होंगे। पंचकूला, सोनीपत, अंबाला, करनाल, पानीपत, रोहतक, हिसार एवं यमुनानगर नगर निगम में 12180 रुपये प्रति वर्ग गज में कमी कर 6090 रुपये प्रति वर्ग गज दर निर्धारित की गई है।
सभी नगर परिषद क्षेत्र में 10608 रुपये प्रति वर्ग गज में कमी कर 5304 रुपये प्रति वर्ग गज व नगर पालिकाओं में 9316 रुपये प्रति वर्ग गज में कमी कर 4658 रुपये प्रति वर्ग गज नई दर होगी। उन्होंने कहा कि नीति अनुसार 500 वर्ग गज तक के भवन को ही आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
नए अवैध निर्माण पर सख्ती बरतेगा निकाय विभाग
जैन ने कहा कि एक बार नियमतिकरण की नीति को मंजूरी देने के साथ ही भविष्य में ऐसे निर्माण न हों, इसके लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग पूरी सख्ती बरतेगा। विभाग वीडियोग्राफी सर्वे भी करवाएगा ताकि भविष्य में अवैध भवनों के निर्माण पर अंकुश लगाकर हरियाणा बिल्डिंग कोड की अनुपालना सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही नियमतिकरण का लाभ उठाने वाले लाभार्थी दस वर्ष के अंदर अपने भवन में हरियाणा बिल्डिंग कोड के अनुरूप बदलाव भी करेंगे।