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हरियाणा सरकार ने लोगों को दी बड़ी सौगात, बिना नक्शा व्यावसायिक भवन होंगे नियमित, दरें भी हुई तय

Thu, 07 Mar 2019 08:57 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीएम मनोहर लाल (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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हरियाणा की मनोहर लाल सरकार पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है। बजट में अहम घोषणाओं के बाद सरकार रोजाना जनहित में अनेक अहम फैसले ले रही है। अब सरकार ने शहरी इलाकों में बिना नक्शा पास करवाए बनाए गए व्यवसायिक भवन मालिकों को बड़ी राहत दी है। जिससे इन भवनों पर सालों से लटक रही तलवार हट गई है। 

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में पांच मार्च को हुई कैबिनेट बैठक में पालिकाओं को पांच वर्ग में विभाजित कर इन भवनों को नियमित करने की दरें तय कर दी गई हैं। यही नहीं पुनर्वास कालोनियों को रिहायशी क्षेत्र से व्यवसायिक में बदलने की दर में भी 50 प्रतिशत की कमी की गई है।

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में नियमों की अवहेलना अथवा जागरूकता के अभाव में अलग-अलग क्षेत्रों में भवन बना चुके हजारों लोगों के लिए नियम बनाने के लिए पूर्व सरकारों का रवैया ढुलमुल रहा। 
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ऐसे लोगों की परेशानी को समझते हुए शहरों में अवैध व्यवसायिक निर्माण की नियमतीकरण नीति को जून 2018 में मंजूर कर लिया था। अब ऐसे निर्माणों को एक बार में नियमित करने की नीति के तहत सरकार ने कैबिनेट में दरों को भी मंजूरी प्रदान कर दी है।

ये रहेंगी नगर निगम अनुसार दरें
नगर निगम गुरुग्राम क्षेत्र में नियमतीकरण की दर प्रति वर्ग गज 7662 रुपये, नगर निगम फरीदाबाद के क्षेत्र में 6896 रुपये प्रति वर्ग गज और अन्य नगर निगमों में 6090 रुपये प्रति वर्ग गज तय की गई है। प्रदेश की सभी नगर परिषदों के क्षेत्र में 5304 रुपये प्रति वर्ग गज और सभी नगर पालिकाओं में 4658 रुपये प्रति वर्ग गज दर को निर्धारित किया गया है।

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रिहायशी क्षेत्र को व्यावसायिक में बदलने की दर में 50 प्रतिशत की कमी

मंत्री कविता जैन ने बताया कि प्रदेश भर में स्थापित पुनर्वास कालोनियां मसलन मॉडल टाउन, चार मरला, आठ मरला, टाउन प्लानिंग स्कीम, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के लिए वर्ष 2016 में रिहायशी भवन को व्यावसायिक भवन में बदलाव की नीति मंजूर कर दरें निर्धारित की गई थीं। सरकार ने उनमें 50 प्रतिशत की कमी की है।

रिहायशी भवन को व्यावसायिक बनाने के लिए चुकानी होंगी ये दरें
कविता जैन ने बताया कि रिहायशी भवन को व्यावसायिक बनाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम एवं फरीदाबाद में 15,324 रुपये प्रति वर्ग गज की जगह नगर निगम गुरुग्राम में अब 7662 रुपये और फरीदाबाद में 6896 रुपये प्रति वर्ग गज चुकाने होंगे। पंचकूला, सोनीपत, अंबाला, करनाल, पानीपत, रोहतक, हिसार एवं यमुनानगर नगर निगम में 12180 रुपये प्रति वर्ग गज में कमी कर 6090 रुपये प्रति वर्ग गज दर निर्धारित की गई है।

 सभी नगर परिषद क्षेत्र में 10608 रुपये प्रति वर्ग गज में कमी कर 5304 रुपये प्रति वर्ग गज व नगर पालिकाओं में 9316 रुपये प्रति वर्ग गज में कमी कर 4658 रुपये प्रति वर्ग गज नई दर होगी। उन्होंने कहा कि नीति अनुसार 500 वर्ग गज तक के भवन को ही आवेदन करने का अवसर मिलेगा।

नए अवैध निर्माण पर सख्ती बरतेगा निकाय विभाग
जैन ने कहा कि एक बार नियमतिकरण की नीति को मंजूरी देने के साथ ही भविष्य में ऐसे निर्माण न हों, इसके लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग पूरी सख्ती बरतेगा। विभाग वीडियोग्राफी सर्वे भी करवाएगा ताकि भविष्य में अवैध भवनों के निर्माण पर अंकुश लगाकर हरियाणा बिल्डिंग कोड की अनुपालना सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही नियमतिकरण का लाभ उठाने वाले लाभार्थी दस वर्ष के अंदर अपने भवन में हरियाणा बिल्डिंग कोड के अनुरूप बदलाव भी करेंगे।
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