ग्रुप ए, बी और सी कैटगिरी की भर्तियों में राष्ट्रीय स्तरीय खिलाड़ियों को तीन फीसदी होरिजेंटल आरक्षण दिया जाता है। जिनमें अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य जाति के खिलाड़ियों के लिए एक-एक फीसदी आरक्षण शामिल है।
खिलाड़ियों को कोटे के बावजूद आरक्षित श्रेणी में बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं। अब मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि इन पदों पर आवेदक नहीं होने की स्थिति में दूसरे वर्ग के खिलाड़ियों को भर्ती कर लिया जाए।
कोटे के तहत आवेदन करने वाले खिलाड़ी के लिए हरियाणा की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर खेलना अनिवार्य है। सभी श्रेणी की नौकरियों में खिलाड़ी की योग्यता अलग-अलग रखी गई है। अगर कोई आवेदक दिव्यांग और खिलाड़ी दोनों कोटे में जगह बनाने में कामयाब रहता है तो उसे दिव्यांग कोटे में ही एडजस्ट किया जाएगा।