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भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शक्ति प्रदर्शन करके पार्टी हाईकमान पर बनाया दबाव, पेश की 2014 की मिसाल

Mon, 10 Jun 2019 10:48 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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भूपिंदर सिंह हुड्डा
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लोकसभा चुनाव 2019 में हार का सामना करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पार्टी हाईकमान के सामने अपना शक्ति प्रदर्शन किया है। अपने समर्थक 13 विधायकों, छह पूर्व सांसदों और अन्य पूर्व विधायकों को एकजुट कर हुड्डा ने आलाकमान को यह संदेश दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत का दारोमदार पूरी तरह से उनके कंधों पर रखा जाए।
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उनके इस शक्ति प्रदर्शन का असर आलाकमान पर कितना होगा यह देखने का विषय होगा, क्योंकि दिल्ली में अपने निवास पर आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए हुड्डा ने कहा कि हाल में हुआ लोकसभा चुनाव क्षद्म राष्ट्रवाद के नाम पर था लेकिन, आगामी विधानसभा चुनाव स्थानीय मुद्दों पर होगा। जिसमें कांग्रेस जीत हासिल करेगी, क्योंकि हरियाणा का हर वर्ग मौजूदा सरकार से त्रस्त है।

हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बुलाई गई इस बैठक में यह भी विश्वास व्यक्त किया गया कि कांग्रेस आलाकमान प्रदेश स्तर पर कांग्रेस को मजबूत करने के लिये आवश्यक कदम शीघ्र उठाएगी। हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में भाजपा से मुकाबले के लिए केवल कांग्रेस ही मुख्य विपक्षी पार्टी बची है, बाकी सभी पार्टियों को लोगों ने सिरे से नकार दिया है।
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हुड्डा ने कहा कि हमारे पास समय बहुत कम है। हमें अपना कार्यक्रम व रणनीति तय कर लड़ाई लड़नी है और विजयी होना है। इसलिये आप अगले दस दिन के भीतर अपने सुझाव लिखित में भेजें, ताकि एक कारगर रणनीति बनाई जा सके।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा संगठन व सरकार ने योजना बनाकर प्रदेश का सदियों पुराना भाईचारा खराब किया। राजकुमार सैनी व मुख्यमंत्री मनोहरलाल के परस्पर विरोधी बयानों ने इस सच्चाई की पुष्टि की है। राजकुमार सैनी से अलग होने का कारण बताते हुए बसपा ने भी भाजपा व सैनी के षडयंत्र का पर्दाफाश किया है। प्रकाश सिंह कमेटी भी इसी नतीजे पर पहुंची, पर वो रिपोर्ट सरकार ने अपनी फजीहत होने के डर से छिपा रखी है।

आम आदमी पार्टी की मिसाल पेश की
बैठक में यह मिसाल पेश की गई कि 2014 लोकसभा चुनाव में दिल्ली में सभी सात सीटे भाजपा जीती थी, लेकिन चंद माह बाद हुए विधानसभा चुनाव में 70 में से 67 सीटें आम आदमी पार्टी ने जीती। कर्नाटका का उदाहरण पेश करते हुए कहा गया  कि यहां शहरों में भाजपा को एकतरफा जीत मिली, लेकिन एक सप्ताह बाद हुए स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को बड़ी जीत मिली।

 हुड्डा की अध्यक्षता में प्रस्ताव पारित
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी को देश की वर्तमान राजनैतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपना त्याग-पत्र वापस लेना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से यह भी अनुरोध किया गया कि वे इस मुश्किल वक्त में कांग्रेस को मार्गदर्शन व गतिशीलता प्रदान करें।
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