कुछ ही देर बाद मैच होने वाला था। हम ड्रेसिंग रूम में थे। अचानक से कंपन महसूस हुआ। लगा जैसे पैरों के नीचे से जमीन खिसक रही है। एक पल तो कुछ समझ नहीं आया। फिर भागो-भागो की आवाज हुई। हेड कोच ने हम सबको तत्काल बाहर निकलने को कहा। सब रोने लगे थे। जैसे-तैसे भाग कर हम ग्राउंड में आए। तब तक ग्राउंड में बाहर से भी लोगों की भीड़ जुट गई थी।
पूरा ग्राउंड जोर से हिल रहा था, जैसे हमें कोई झकझोर रहा हो। हर कोई डरा, सहमा और दहशत में था। बस रोने की आवाज आ रही थी। एक-दूसरे को पकड़कर हम सब मन में भगवान को याद कर रहे थे। कुछ भी नहीं पता था कि अब आगे क्या होगा। यह आपबीती सुनाई फुटबालर समीक्षा जाखड़ ने।
जिले के अलखपुरा गांव निवासी समीक्षा शनिवार को काठमांडू में ही थी। वहां 18 अप्रैल से शुरू हुए एएफसी रिजनल फुटबाल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने इंडिया टीम के सदस्य के रूप में वह मौजूद थी। मैच से ठीक पहले आए भूकंप की त्रासदी को समीक्षा ने महसूस किया।
रविवार की देर शाम इंडिया लौटने पर भी उस मंजर के खौफ से वह उबर नहीं पाई थी। डरी-सहमी समीक्षा ने ‘अमर उजाला’ से अपनी आपबीती बताते हुए भूकंप के दौरान का हाल बयां किया। बताया कि अब तक सिर्फ सुना था। पहली बार भूकंप को देख रूह कांप गई है। माता-पिता का आशीर्वाद था, जो वह सुरक्षित लौट आई।
आंखों के सामने कई को जमींदोज होते देखा
भूकंप का केंद्र रहे नेपाल के काठमांडू में आयोजित पांचवें अंतरराष्ट्रीय टैटू आर्ट कंपीटिशन में भाग लेने गए करनाल के विक्की ने मौत के मंजर को करीब से देखा। विक्की ने कई लोगों को जमींदोज होते देखा है, इसलिए वह खौफनाक मंजर को याद करते ही सिहर उठता है।
बकौल विक्की, बस मेरी सांसें थी, इसलिए जिंदा हूं, वरना मैंने तो पता नहीं कितनों को मौत के मुंह समाते हुए देखा है। एयरफोर्स के जहाज से विक्की रविवार को दिल्ली पहुंचा। रविवार को घर पहुंचते ही विक्की की मां ने उसे पहले गले लगाया और विक्की ने भी मां के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
विक्की ने बताया कि अपनी आंखों के सामने कई होटलों और अन्य इमारतों को जमींदोज होते देखा और कुछ ही पलों में वहां चीख पुकार का आलम था। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था। विक्की ने भी जिंदगी बचाने के लिए पूरी जी जान लगा दी और किसी तरह मलबे से बचते हुए होटल से बाहर निकला।
देखा तो चारों और केवल तबाही का मंजर नजर आया। करनाल अपने घर पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में विक्की ने बताया की किसी तरह उन्होंने भारतीय दूतावास से संपर्क किया। इसके बाद तुरंत उन्हें रेस्क्यू करने की कार्रवाई आरंभ की गई।
एयरफोर्स के जहाज से शनिवार रात को ही उन्हें दिल्ली लाया गया। नेपाल में मृतकों का आंकड़ा कहीं ज्यादा हो सकता है। साथ ही प्रदेश के भी काफी संख्या में लोग वहां पर फंसे हैं। करनाल के सेक्टर-13 में विक्की टैटू के नाम से विक्की की दुकान है।