बढ़े बिजली बिलों के कारण आलोचना झेल रहे हरियाणा के बिजली निगमों ने अपने कामकाज में सुधार के संकेत दिए हैं। बिजली निगम सबसे पहले उपभोक्ताओं की उस शिकायत का हल खोजने में लगे हैं, जिसमें उपभोक्ता हमेशा बिलों में गड़बड़ी की शिकायत करते हैं।
बिजली निगमों ने बिलों के जरिए लिए जाने वाले पैसे को तर्कसंगत ठहराने के उपाय भी खोजने शुरू कर दिए हैं। इस कड़ी में शुक्रवार को निगमों ने पहली नवंबर से पायलट परियोजना के रूप में मासिक आधार पर स्थल पर ही बिलिंग प्रणाली अपनाने का निर्णय लिया।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक नितिन यादव ने बताया कि पहले चरण में अंबाला परिसंचालन सर्कल के कालका उपमंडल में घरेलू और गैर घरेलू श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्थल पर ही बिल तैयार किए जाएंगे। बाद में इस सिस्टम को पूरे उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीन आने वाले क्षेत्रों में लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस समय 20 किलोवाट से कम लोड वाले घरेलू व गैर घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए दो महीने के बिजली बिल की प्रणाली लागू है, लेकिन अब मासिक आधार पर स्थल पर ही बिलिंग प्रणाली लागू किए जाने के बाद उपभोक्ता अपनी बिजली खपत का आकलन सही तरीके से कर सकेंगे।