अदानी द्वारा हरियाणा की बिजली बंद करने के बाद हरियाणा में बिजली इस बार चुनावी मुद्दा बन गया है। सूखे के समय बिजली संकट ने कांग्रेस को एक नया मुद्दा दे दिया है। हालांकि हरियाणा सरकार बिजली संकट पैदा नहीं होने का दावा कर रही है।
उधर, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने के अलावा केंद्रीय ऊर्जा एवं कोयला मंत्री पियूष गोयल से बात कर कोयला ब्लाक आवंटित करने के लिए कहा है।
हरियाणा में रविवार को 5257 मेगावाट बिजली की डिमांड थी, लेकिन 4827 मेगावाट उपलब्धता थी। सरकार ने किसानों और अन्य उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई तो की, लेकिन जरूरत के मुताबिक आपूर्ति नहीं हो सकी।
हालांकि कोयले की कमी के कारण भी उत्पादन पर असर पड़ा है। हरियाणा में बिजली उत्पादन क्षमता 4974 मेगावाट है जबकि उत्पादन करीब 2436 मेगावाट रह गया है।