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Haryana Election: 35 सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी तय... 55 पर दो से तीन दावेदार; बबली नहीं मिलेगा टिकट

Sat, 31 Aug 2024 12:05 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

कांग्रेस में 35 सीटों पर दावेदारों का नाम फाइनल हो गए हैं,जबकि 55 सीटों पर दो से तीन दावेदार हैं। सभी 90 सीटों पर पैनल तैयार हो गया है। आज समीक्षा के बाद हाईकमान को सूची भेजी जाएगी। 
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Haryana Election - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा कांग्रेस ने प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों का पैनल तैयार कर लिया है। शनिवार को स्क्रीनिंग कमेटी की अंतिम बैठक में इन पैनलों की दोबारा समीक्षा होगी और इसके बाद सूची तैयार करके हाईकमान को भेजी जाएगी। 2 सितंबर को कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में सूची रखी जाएगी और इसके बाद प्रत्याशियों की घोषणा होगी। 
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सूत्रों के अनुसार स्क्रीनिंग कमेटी ने 35 से अधिक सीटों पर एक-एक नेता का नाम रखा है, जबकि शेष 55 सीटों पर 2 से 3 दावेदारों के नाम हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस की पहली सूची में 30 प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। 90 सीटों से टिकट के लिए कांग्रेस में 2556 नेताओं ने आवेदन किया था। 

हाईकमान के आदेश के बाद हरियाणा प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष को इनमें से छंटनी का अधिकार दिया गया था। दोनों नेताओं ने सभी सीटों के लिए पैनल तैयार करके सौंपा था। इसके बाद इन पैनलों पर पिछले तीन दिन से स्क्रीनिंग कमेटी की बैठकों में मंथन चल रहा है। 
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सभी 90 सीटों के पैनल पर चर्चा हो चुकी है और सभी नेताओं के राय ली गई है। हरियाणा कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि प्रदेश की सभी 90 विधानसभा सीटों को लेकर चर्चा पूरी हो चुकी है। जिताऊ और टिकाऊ दावेदारों का पैनल तैयार किया गया है। 

पैनल तैयार करते समय प्रत्येक पहलू पर विचार किया गया है। शनिवार की बैठक में अंतिम रिव्यू के बाद पैनल हाईकमान को भेज दिया जाएगा, जिसमें से प्रत्याशियों की सूची जारी की जाएगी।

बबली को नहीं मिलेगी कांग्रेस की टिकट
दीपक बाबरिया ने साफ कर दिया कि पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली को कांग्रेस से टिकट नहीं दिया जाएगा। बाबरिया ने कहा कि वीरवार को बबली ने उनसे मुलाकात थी, उन्हें साफ कर दिया गया है कि उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा, क्योंकि वह न तो पार्टी के प्राथमिक सदस्य हैं और न ही उन्होंने पार्टी ज्वाइन की है।

अब उनकी दावेदारी पर विचार नहीं किया जा सकता। हालांकि, वह प्रदेश अध्यक्ष से जरूर इस बारे में अपनी बात रख सकते हैं। बबली ने लोकसभा चुनाव में कुमारी सैलजा का खुलकर समर्थन किया था और उनकी अगुवाई में ही वह कांग्रेस का दामन थामने की कोशिश में हैं, लेकिन बाबरिया ने साफ कर दिया कि कांग्रेस में एंट्री और टिकट प्रदेश अध्यक्ष की सिफारिश पर ही मिलेगा।

अब बबली मझधार में फंस गए हैं, क्योंकि भाजपा से वह पहले ही नाता तोड़ चुके हैं और उनके धुर विरोधी राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला उनके भाजपा में जाने में रोड़ा हैं। जजपा से वह पहले ही बगावत कर चुके हैं। अब उनके पास निर्दलीय चुनाव लड़ने के अलावा कोई चारा नहीं है।
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