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नई पहलः अब फोन करके पूछेंगे डॉक्टर- ‘हैलो आपकी तबीयत कैसी है, क्या बुखार अब ठीक है’

Wed, 04 Dec 2019 09:54 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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‘हैलो, नमस्कार, अब आपकी तबीयत कैसी है, क्या आपका बुखार ठीक हो गया है, आपको इलाज के दौरान किसी प्रकार की कोई दिक्कत पेश तो नहीं आई, यदि कोई परेशानी हुई तो हमें बताएं...क्या सरकारी अस्पताल की टीम ने आपके घर पहुंचकर उचित ढंग से आपको उपचार दिया, आपको हमने बुखार के लिए जो दवाइयों का कोर्स बताया था, क्या आपने उस कोर्स को पूरा कर लिया है, क्या आपका कोर्स पूरा हो गया है, तो आपके घर में किसी और को बुखार न हो, इसके लिए भविष्य में क्या करना है, यह भी हम आपको बताएंगे...।’
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हरियाणा में इस तरह के फोन उन मरीजों तक पहुंच रहे हैं, जो मलेरिया, डेंगू व अन्य तरह के गंभीर बुखार से ग्रस्त है। इसके लिए हरियाणा स्वास्थ्य महकमे ने मुख्यालय स्तर पर बाकायदा कॉल सेंटर बनाया है। जहां से बुखार ग्रस्त मरीजों पर उनके स्वस्थ्य होने तक पूरी नजर रखी जाएगी। इसी कॉल सेंटर से सभी बुखार ग्रस्त मरीजों को सीधे मोबाइल कर उनसे फीडबैक लिया जा है।

डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेस डा. उषा गुप्ता बताती हैं कि यह कॉल सेंटर हरियाणा को मलेरिया व डेंगू बुखार से मुक्त करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की ही एक कड़ी है। उनके अनुसार इस तरह के बुखार पर काबू पाने के लिए हरियाणा स्वास्थ्य महकमा बहुत ज्यादा गंभीर हैं। इसी का नतीजा यह है कि पिछले पांच सालों के अंतराल में मलेरिया व डेंगू बुखार के केसों में अपेक्षाकृत कमी आई है।
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मरीजों को एसएमएस भी पहुंचेंगे

जिला स्तर पर सरकारी अस्पतालों, चिकित्सा केंद्रों में आने वाले बुखार ग्रस्त मरीजों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। बुखार पॉजीटिव आने पर उस मरीज का पूरा पता व उसका मोबाइल नंबर जुटाकर हेडक्वार्टर स्तर पर बने कॉल सेंटर में भेजा जा रहा है, ताकि कॉल सेंटर में बैठे कर्मचारी मरीजों का बुखार ठीक न होने तक उनके संपर्क में रहें।

इतना ही नहीं इन कॉल सेंटर से संबंधित बुखार मरीजों को कुछ दिनों तक लगातार आटो जेनरेटेड एसएमएस भी पहुंचेंगे। जिसमें उन्हें बताया जाएगा कि बुखार के दौरान उन्हें व उनके परिजनों को क्या-क्या सावधानियां बरतनी हैं। इसके अलावा सिविल अस्पतालों व चिकित्सा केंद्रों से टीम भी इन बुखार ग्रस्त मरीजों के घरों में बुखार ठीक न होने तक निगरानी करेगी।

मरीजों को बुखार का पूरा कोर्स समझाया जाएगा और उन्हें बताया जाएगा कि कोर्स के दौरान उन्हें दवा कैसे लेनी है और क्या करना है। मरीजों को मिलने वाली इस सुविधा का फीडबैक भी इसी कॉल सेंटर स्तर पर जुटाया जाएगा, ताकि मालूम चल सके कि फील्ड स्टाफ संबंधित मरीजों पर पूरी जिम्मेदारी से काम कर रहा है या नहीं।
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