‘हैलो, नमस्कार, अब आपकी तबीयत कैसी है, क्या आपका बुखार ठीक हो गया है, आपको इलाज के दौरान किसी प्रकार की कोई दिक्कत पेश तो नहीं आई, यदि कोई परेशानी हुई तो हमें बताएं...क्या सरकारी अस्पताल की टीम ने आपके घर पहुंचकर उचित ढंग से आपको उपचार दिया, आपको हमने बुखार के लिए जो दवाइयों का कोर्स बताया था, क्या आपने उस कोर्स को पूरा कर लिया है, क्या आपका कोर्स पूरा हो गया है, तो आपके घर में किसी और को बुखार न हो, इसके लिए भविष्य में क्या करना है, यह भी हम आपको बताएंगे...।’
हरियाणा में इस तरह के फोन उन मरीजों तक पहुंच रहे हैं, जो मलेरिया, डेंगू व अन्य तरह के गंभीर बुखार से ग्रस्त है। इसके लिए हरियाणा स्वास्थ्य महकमे ने मुख्यालय स्तर पर बाकायदा कॉल सेंटर बनाया है। जहां से बुखार ग्रस्त मरीजों पर उनके स्वस्थ्य होने तक पूरी नजर रखी जाएगी। इसी कॉल सेंटर से सभी बुखार ग्रस्त मरीजों को सीधे मोबाइल कर उनसे फीडबैक लिया जा है।
डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेस डा. उषा गुप्ता बताती हैं कि यह कॉल सेंटर हरियाणा को मलेरिया व डेंगू बुखार से मुक्त करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की ही एक कड़ी है। उनके अनुसार इस तरह के बुखार पर काबू पाने के लिए हरियाणा स्वास्थ्य महकमा बहुत ज्यादा गंभीर हैं। इसी का नतीजा यह है कि पिछले पांच सालों के अंतराल में मलेरिया व डेंगू बुखार के केसों में अपेक्षाकृत कमी आई है।