सोनीपत के मुरथल में हुए कथित गैंगरेप के मामले में होम सेक्रटरी व डीजीपी ने रिपोर्ट दाखिल की, जिस पर हाईकोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाई।
रिपोर्ट में डीजीपी ने माना कि जाट आंदोलन के दौरान मुरथल ढाबे के पास महिलाओं से कथित दुर्व्यवहार की शिकायत को लेकर कुछ व्यक्ति पुलिस के पास पहुंचे थे, लेकिन उन्हें रोडवेज की बसों का प्रबन्ध करके वहां से निकल दिया गया।
रिपोर्ट देखने के बाद हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि जब कथित पीड़ित शिकायत लेकर पहुंचे थे तो बयान दर्ज क्यों नहीं किये और क्यों नहीं, उनके नाम व पते नोट किए गए। हाईकोर्ट ने 10 दिन में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। फ़िलहाल सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि आंदोलन के दौरान 1117 एफआईआर दर्ज की गईं और 147 को गिरफ्तार किया गया है।
यह भी बताया कि आज 11 बजे तक रोहतक में 200 और झझर में 83 केसों में सम्पति के नुकसान का एक-एक लाख रुपए मुआवजा दे दिया जाएगा। उधर आल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि तोड़ फोड़ में जाटों का हाथ नहीँ था। समिति ने जवाब दाखिल करने के लिए समय माँगा है।