उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला। (फाइल फोटो)
बरोदा उपचुनाव में हार के बाद गठबंधन में सियासत शुरू हो गई है। भाजपा व जजपा (जननायक जनता पार्टी) नेताओं में वार-पलटवार का दौर चल रहा है। सीएम मनोहर लाल के बुधवार के बयान (जजपा का पूरा वोट आता तो गठबंधन प्रत्याशी को 70 हजार वोट मिलते) पर गुरुवार को डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने प्रतिक्रिया दी।
चुनाव नतीजे पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसका वोट कहां गया यह तो सिर्फ मतदाता जान सकता है। कई गांव में पिछली बार जहां कांग्रेस जीती थी, इस बार गठबंधन प्रत्याशी योगेश्वर दत्त को वोट मिले हैं तो क्या कांग्रेस का वोट ट्रांसफर हो गया। दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं की दिन-रात की मेहनत का ही नतीजा है कि योगेश्वर को जहां पिछली बार 36 हजार वोट मिले थे, इस बार 51 हजार वोट मिले हैं।
बरोदा में जो भी नतीजे आए हैं, उससे एक बात तो साफ है कि गठबंधन को पिछली बार से 15 हजार वोट ज्यादा मिले हैं। सरकार राजनीतिक रूप से मजबूत हुई है। कई जगह गठबंधन को बड़ा सहयोग मिला है। योगेश्वर के खुद के गांव भैंसवाल में इस बार दोगुना वोट मिले हैं लेकिन जनमत कांग्रेस के साथ रहा क्योंकि कांग्रेस एक बार नहीं लगातार इस सीट पर तीन बार से चुनाव जीतती आ रही थी।
दुष्यंत ने कहा कि भविष्य में हम और मेहनत कर जीत भी हासिल करेंगे। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा के बयान पर दुष्यंत ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस का गणित नहीं समझ पाए। सरकार को हिलाने के लिए 46 का आंकड़ा चाहिए होता है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 31 विधायक थे और आज भी 31 विधायक हैं तो सरकार कैसे हिलेगी, यह समझ से बाहर है।
दुष्यंत के बयान से पहले भाजपा नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह भी गठबंधन को लेकर तीखा हमला बोल चुके हैं। हालांकि, भाजपा-जजपा नेताओं के तीखे बोल का गठबंधन पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा। चूंकि, सरकार के मामले में मनोहर व दुष्यंत पूरा सामंजस्य बैठाकर आगे बढ़ रहे हैं। न्यूनतम साझा कार्यक्रम के वादों को मिलकर अमलीजामा पहनाया जा रहा है।