नए कृषि कानूनों के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने शुक्रवार को हाईकोर्ट चौक से विधानसभा तक पैदल मार्च किया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में विधायकों ने नारेबाजी की। विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर कांग्रेस विधायक दल ने एमएसपी गारंटी का चौथा कानून लाने की मांग की। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जब तक सरकार एमएसपी की गारंटी का चौथा कानून नहीं बनाती, किसानों के समर्थन में उनका विरोध इसी तरह जारी रहेगा।
कांग्रेस विधानसभा के अंदर और बाहर हर जगह नए कृषि कानूनों का विरोध करेगी और इन्हें हरियाणा में लागू नहीं होने दिया जाएगा। सरकार ख़ुद एमएसपी से हाथ पीछे खींच रही है। लगातार सरकारी एजेंसियां इसके संकेत दे रही हैं। इसलिए प्रदेश का किसान सड़कों पर उतरकर इन कानूनों का विरोध कर रहा है। किसान जानना चाहता है कि कौन-कौन विधायक इन बिलों के समर्थन में खड़े हैं और कौन इनके विरोध में। विधानसभा में तीनों कानूनों पर वोटिंग होना जरूरी थी।
हुड्डा ने कहा कि बिना एमएसपी के तीन कानूनों से किसानों की बर्बादी तय है। इनसे धीरे-धीरे मंडियां और न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी। गठबंधन सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा से भाग रही है। इसलिए महज दो दिन का विधानसभा सत्र रखा गया। कांग्रेस विधायकों ने स्पीकर को तीन कृषि कानूनों, किसानों के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमों, सोनीपत में जहरीली शराब से मौत, प्रदेश में बढ़ते अपराध, 1983 पीटीआई, 1518 ग्रुप डी कर्मचारियों, शराब घोटाला, रजिस्ट्री घोटाला, धान घोटाला जैसे कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के लिए प्रस्ताव दिए थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर तबके की नजर विधानसभा पर लगी हुई थी। सभी लोग चाहते थे कि उनका मुद्दा सदन में उठाया जाए। सरकार के रवैये से स्पष्ट है कि उसके पास विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं है।