अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक हर मंच पर इसका विरोध करेगी और सरकार को कानून वापस लेने पर मजबूर कर देगी। अगर फिर भी सरकार अपनी जिद पर अड़ी रही तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही इन काले कानूनों को खत्म किया जाएगा।
हरसिमरत का इस्तीफा देर से लिया गया मामूली फैसला: हुड्डा
हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे पर हुड्डा ने कहा कि ये अकाली दल द्वारा देर से लिया गया मामूली फैसला है। हरियाणा सरकार में गठबंधन सहयोगी जेजेपी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन सहयोगी किसान हितैषी होते तो अब तक सरकार से अलग हो गए होते। उन्हें किसान हित से ज्यादा, कुर्सी प्यारी है।
विशेष सत्र जरूरी
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून सत्र में कांग्रेस ने किसान विरोधी ती अध्यादेशों समेत कई मुद्दों पर चर्चा के लिए स्थगन और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए थे। सरकार ने मुख्यमंत्री, स्पीकर और कई विधायकों के संक्रमित होने का हवाला देते हुए चर्चा से इनकार कर दिया था। कांग्रेस की मांग है कि राज्यपाल इन तमाम मुद्दों पर चर्चा के लिए अब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएं। अब मुख्यमंत्री, स्पीकर, कृषि मंत्री और सभी विधायक स्वस्थ हैं। प्रदेश की जनता और विपक्ष सरकार से कई मुद्दों पर जवाब चाहते हैं।