पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विवादित बयान सामने आया था। किसानों के मामले में मुख्यमंत्री ने शठे शाठ्यम समाचरेत की कहावत का हवाला दिया था। उन्होंने डंडा उठाने की बात कही थी। सीएम के इस बयान के बाद विपक्ष आक्रामक हो गया था। मुख्यमंत्री ने वीडियो में कहा था कि कुछ नए किसानों के संगठन उभर रहे हैं, उनको अब प्रोत्साहन देना पड़ेगा। उनको आगे लाना पड़ेगा खासकर उत्तर और पश्चिम हरियाणा में, दक्षिण हरियाणा में यह समस्या ज्यादा नहीं है लेकिन उत्तर पश्चिम हरियाणा के हर जिले में अपने 500 या 700 किसान या फिर एक हजार लोग खड़े करो, उनको वालंटियर बनाओ। फिर जगह-जगह शठे शाठ्यम समाचरेत की बात कहकर सीएम ने सामने बैठे लोगों से पूछा इसका क्या मतलब है। इसके बाद भीड़ से आवाज आती है कि जैसे को तैसा। यहां यह भी कहा गया है कि उठा लो डंडे। जब डंडे उठाओगे तो जेल जाने की परवाह मत करो, दो चार महीने रह आओगे तो बड़े लीडर अपने आप बन जाओगे।
पुलिस और मंदिर सदस्यों ने संभाली कमान, श्रद्धालुओं की लगी लंबी कतार
अश्विन नवरात्र के दूसरे दिन माता मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। माता के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजायमान हो उठा। लंबी कतार में लगे श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आतुर दिखाई दिए। माता मनसा देवी के दर्शन के लिए दूर-दराज से आने वाले किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए पुलिस, प्रशासन और माता मनसा देवी मंदिर श्राइन बोर्ड द्वारा व्यापक प्रबंध किया गया था।
श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मनोकामना पूर्ति की कामना की। इसके बाद प्रसाद को ग्रहण किया। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सैकड़ों की संख्या में पुलिस जवान मुस्तैद दिखे। पुलिस जवान बैरिकेड्स लगाकर जहां वाहनों की चेकिंग कर रहे थे, वहीं श्रद्धालुओं के सामान की बारीकी से जांच करने के बाद ही उन्हें मंदिर परिसर की ओर बढ़ने की इजाजत दे रहे थे।
माता मनसा देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का हरियाणा स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना जांच किया जा रहा था। वहीं, जिन लोगों ने वैक्सीनेशन नहीं करवाया था वह टीका भी लगवा रहे थे। इतना ही नहीं महामारी को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन के सदस्य सामाजिक दूरी का पालन करवाने में जुटे है। जैसे ही सूर्य ढला और अंधेरे का आगाज हुआ तो रंग-बिरंगी लाइटों से सजा माता का दरबार आकर्षण का केंद्र बन गया। वहीं, मेले में गगन चुंबी झूले और विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का श्रद्धालुओं ने खूब लुत्फ उठाया।