मैं अपने ब्लॉक में प्रथम आया था
10वीं में मेरे 66 प्रतिशत अंक थे और मैं पूरे ब्लॉक में पहले स्थान पर आया था। उस समय तो जो 60 के ऊपर चला जाता था तो वह मेधावी माना जाता था। कोई नहीं सोचता था कि 80-85 नंबर आएंगे। अगर किसी के आते थे तो तो सोचते थे कि कोई गड़बड़ हो गई लेकिन अब बच्चों के 100 प्रतिशत तक अंक आते हैं।
खुद तैयार किया जीवन पर्यंत चलने वाला कैलेंडर
सीएम ने जीवन के एक किस्से की उदाहरण देकर बताया कि प्रैक्टिकल का जीवन में कितना योगदान होता है। कहा, 10वीं के बाद आगरा गए थे। वहां लाल किले के सामने एक कैलेंडर बिकता देखा। वह 20 साल का कैलेंडर था। उसे देख काफी हैरानी हुई। उस समय पैसे नहीं थे तो खरीद नहीं पाए, लेकिन प्रैक्टिकल वहां देखा और डेढ़ साल बाद मैंने एक ऐसा कैलेंडर तैयार किया जो हमेशा यानी जीवन पर्यंत चलता।
किसी भी साल की तारीख बता देता था। मैंने इसे इलाहाबाद के ममफोर्डगंज के शिक्षक आर गुप्ता को भेजा। उन्होंने काफी सराहना की लेकिन एक लाइन नीचे लिख दी कि ऐसा कैलेंडर वे 1912 में बना चुके हैं। उस दिन उनकी खोज बर्बाद हो गई लेकिन वे निराश नहीं हुए, क्योंकि उनको एक नई सीख मिली।
12वीं के बाद छोड़ दी थी पढ़ाई, शुरू किया व्यापार
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि 16 अगस्त उनके जीवन का अहम दिन है। 51 साल पहले आज के ही दिन 1972 में उन्होंने 12वीं करने के बाद पढ़ाई छोड़कर दिल्ली में अपना कपड़े का कारोबार शुरू किया था। उस समय अपने पार्टनर को मैंने फोन करके बात की और कहा कि 51 साल की कहानी कैसे निकल गई, पता ही नहीं चला। मैंने जीवन में ठान लिया था, कुछ करना है और विशेष करना है। क्या करना ये नहीं पता था। समय और भाग्य के साथ यह सफर आगे बढ़ता गया।