वहीं, दूसरे मामले में एक बुजुर्ग ने शिकायत देते हुए कहा कि उसे अपनी बेटी की शादी करनी है। इसके लिए वे जमीन पर लोन लेने के खातिर इंतकाल के लिए चक्कर लगा रहा है। पिछले नौ दिन से उसको पटवारी नहीं मिल रही हैं। इस पर सीएम ने उनको बुलाने को कहा। इसके बाद भी वे मौके पर नहीं पहुंचीं। इसके बाद सीएम ने पटवारी सलमा रानी को सस्पेंड करने के आदेश दिए।
जलपान का सालाना खर्च दो लाख देती है सरकार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश की बागडोर संभालते ही तहसीलदारों की बेगार पर रोक लगा दी गई थी। इसमें कहा गया था कि किसी भी तहसीलदार को वीआईपी के आगमन के समय अपनी जेब से जलपान पर खर्च करने की जरूरत नहीं है। इसके लिए प्रत्येक जिला उपायुक्त के कार्यालय के लिए दो लाख रुपये की राशि स्वीकृत करवाई गई थी, और ये आदेश अब भी जारी हैं।
इस मौके पर उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक एसएस भौरिया, नगर निगम आयुक्त निशांत यादव, जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद, मेयर रेणूबाला गुप्ता, स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र, पार्षद मुकेश अरोड़ा, भाजपा नेता अशोक सुखीजा, सतीश राणा, कविंद्र राणा उपस्थित रहे।