हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विदेश सहयोग विभाग स्थापित करने की घोषणा की है। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 39 वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2019 में हरियाणा राज्य दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उन्होंने यह घोषणा की। बतौर मुख्यातिथि पहुंचे सीएम ने कहा कि विदेश सहयोग विभाग हरियाणा में विदेशी निवेशकों व विदेशों में निवेश करने वाले हरियाणा के निवेशकों को प्रत्येक दृष्टि से सहयोग करेगा। विशेषकर कृषि आधारित उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह विभाग कार्य करेगा।
इससे प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो सकेगी। अप्रवासी भारतीयों को भी विभाग सहयोग व सहायता मुहैया कराएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य भी हरियाणा की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2024 तक दोगुना कर 5 लाख करोड़ रुपये तक विकसित करना है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दृष्टि से वर्ष 2014 में हरियाणा का देश में 14 वां स्थान था। वर्तमान में देश में तृतीय व उत्तर भारतीय राज्यों में प्रथम स्थान है। वर्ष 2020 तक प्रथम स्थान के राज्य के रूप में स्थापित किए जाने का लक्ष्य रखा है।
बिजनेस रिफार्म एक्शन प्वाइंट के सभी 369 सुधार बिंदुओं को हरियाणा में क्रियान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री ने सरस्वती नदी का जिक्र करते हुए हरियाणा को प्राचीन आर्यकाल की वेदों की रचना स्थली बताया और कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार भारत में खोजे गए लगभग 3500 पुरातात्विक स्थलों में से 1500 पुरातात्विक स्थल हरियाणा में पाए गए हैं। हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक व सामाजिक परंपराएं रही हैं। हरियाणा की धरती गीता के पवित्र ज्ञान की उद्गमस्थली है।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा मंडम की विषयवस्तु की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान में हरियाणा राज्य उद्यमियों के लिए अवसरों की धरती बन चुकी है। सीएम ने कला एवं संस्कृति विभाग की प्रशंसा करते हुए 5 लाख रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने हरियाणा मंडप का अवलोकन भी किया। कर्मशीलता व अवसरों की भूमि हरियाणा प्रदेश का मंडप आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।