कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पहले से कोई शेड्यूल तय नहीं था लेकिन शाम साढ़े पांच बजे अचानक मुख्यमंत्री मनोहर लाल का काफिला सलारपुर रोड स्थित गीता निकेतन आवासीय विद्यालय परिसर आ पहुंचा। यहां मुख्यमंत्री की टीम के सभी अधिकारी व सिक्योरिटी गार्ड बाहर ही खड़े रहे, जबकि मोहन भागवत को मिलने के लिए सीएम अकेले ही भीतर पहुंचे।
करीब 25 मिनट तक बंद कमरे में दोनों की मुलाकात हुई। इसके पश्चात 6 बजकर 08 मिनट पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल रवाना हुए। बता दें कि पिछले पांच दिन से जिस परिसर में मोहन भागवत प्रवास पर हैं, वह जगह जेड प्लस सिक्योरिटी के घेरे में है।
सावरकर पर संघ आईटी विंग देगा करारा जवाब
राहुल गांधी ने सावरकर को लेकर दिल्ली रामलीला मैदान में जो कुछ कहा, उसका काउंटर संघ का कोई बड़ा नेता भले ही ना करे, लेकिन संघ का आईटी सेल इसका करारा जवाब देगा। यह रणनीति केवल राहुल गांधी के बयान पर नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए भी बनाई है, जो भारत के महापुरुषों की छवि को धूमिल कर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने की फिराक में है।
संघ के एक दायित्व प्रमुख का कहना है कि संगठन का कोई भी बड़ा नेता राहुल गांधी के बयान को गंभीरता से नहीं लेता और ना ही इसके काउंटर में कुछ बोला जाता है लेकिन बैठक में यह चर्चा भी हुई है कि समाज में जो भी लोग भारतीय महापुरुषों और आस्था को चोट पहुंचाने का प्रयास करेंगे उसका जबाव आईटी विंग देगा।
सोमवार संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रचारकों से उनके क्षेत्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि देश की बदलती हुई स्थितियों में जनहित के लिए बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। इसी के साथ संघ की शाखाओं की संख्या बढ़ाने और शाखाओं तय समयावधि के साथ इसमें भागीदारी की संख्या में इजाफा करने पर भी चर्चा हुई।
पांच राज्यों के संतों से भेंट के बाद कुरुक्षेत्र से रवाना होंगे भागवत
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का पांच दिन का प्रवास कार्यक्रम जारी है। मंगलवार को उनकी प्रचारकों के साथ बैठक के अलावा पांच राज्यों के 35 धर्मगुरुओं के साथ बैठक होगी। इस बैठक में विशेष रूप से युवा संत आमंत्रित किये गए हैं।
सोमवार को पांच राज्यों के प्रचारकों की बैठक संघ प्रमुख ने ली। इस बैठक के पश्चात ही संघ के पांच राज्यों की उत्तर क्षेत्रीय बैठक में पहुंचे प्रतिनिधियों को धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया गया है। इस दौरान संघ के दायित्व प्रमुखों ने ब्रह्मसरोवर पर विशेष महाआरती में भी भाग लिया।