चार माह से चुप्पी साधे बैठे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सदन में आंकड़ों के साथ अपनी चुप्पी तोड़ी। विपक्ष के तीखे सवालों का आक्रामक ढंग से जवाब देने के साथ मुख्यमंत्री ने शेरो-शायरी का अंदाज भी दिखाया।
पूरी तैयारी के साथ जवाब देने उतरे मुख्यमंत्री ने इशारों ही इशारों में यह साफ कर दिया कि अगर हम बोलने पर आए तो कई चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। खट्टर ने कहा कि मैं बोलता नहीं हूं, लेकिन चुप रहने का अर्थ अन्यथा न लें। मुझे सब बातों के संदर्भ समझ में आते हैं। सत्ता का अनुभव होने का मतलब यह नहीं है कि हम बातों को नहीं समझते हैं।
इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को पूर्व एजी हरभगवान सिंह के पुस्तक विमोचन पर आईना दिखाया। उन्होंने पुस्तक का पेज नंबर सदन में पढ़कर सुनाया। खट्टर की इस बात पर हुड्डा को सफाई देनी पड़ी। हुड्डा ने कहा कि पुस्तक का विमोचन मेरे व्यक्तिगत संबंध हैं।