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टेप में सामने आया CM का झूठ, विवादित थे बोल

Sat, 17 Oct 2015 08:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुस्लिमों के बीफ खाने को लेकर अंग्रेजी अखबार को जो बयान दिया था, वो बिल्कुल सही था। ये दावा अखबार ने मुख्यमंत्री के इंटरव्यू वक्त रिकार्ड किए ऑडियो टेप को जारी कर किया।
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यू टयूब पर अपलोड इस टेप में मुख्यमंत्री साफ तौर पर कहते हुए दिख रहे हैं कि 'देश में मुस्लिम रह सकते हैं लेकिन उनको गोमांस खाना छोड़ना होगा, क्योंकि गाय देश में आस्था का विषय है. गाय, गीता और सरस्वती से देश की बहुसंख्यक आबादी की आस्थाएं जुड़ी हुई हैं और अगर मुस्लिम गाय का मांस खाना छोड़ देंगे, तो उनकी धार्मिक आस्थाएं आहत नहीं हो जाएंगी।'

गौरतलब है कि बयान पर विवाद होने के बाद मुख्यमंत्री के OSD ने सामने आते हुए ये कहकर सबको चौंका दिया है कि मुख्यमंत्री ने ऐसा कुछ कहा ही नहीं। वहीं, मुख्यमंत्री खट्टर ने खुद सामने आकर अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में उनके बयान के हवाले से छपी खबर को गलत बताया है।
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अपने इस बयान पर विवाद उठने के बाद सीएम खट्टर ने कहा कि अखबार ने उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया। सीएम खट्टर ने साथ ही कहा, अगर मेरे किसी भी शब्द से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं खेद जताने को तैयार हूं।

सुनें पूरा इंटरव्यू

'देश में रहना है तो मांस छोड़ें मुस्लिम'

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के मुस्लिमों पर एक अंग्रेजी अखबार में दिए बयान पर विवाद खड़ा हो गया। मुख्यमंत्री के OSD ने सामने आते हुए ये कहकर सबको चौंका दिया है कि मुख्यमंत्री ने ऐसा कुछ कहा ही नहीं। उन्होंने अखबार के रवैये को गैरजिम्मेदार करार देते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी तक दी।

गौरतलब है कि अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू के हवाले से ये खबर आ रही थी कि खट्टर ने कहा था, 'देश में मुस्लिम रह सकते हैं लेकिन उनको गोमांस खाना छोड़ना होगा, क्योंकि गाय देश में आस्था का विषय है. गाय, गीता और सरस्वती से देश की बहुसंख्यक आबादी की आस्थाएं जुड़ी हुई हैं और अगर मुस्लिम गाय का मांस खाना छोड़ देंगे, तो उनकी धार्मिक आस्थाएं आहत नहीं हो जाएंगी।'

उन्होंने दादरी में इखलाक के साथ हुई घटना 'गलतफहमी का नतीजा' बताया। उन्होंने कहा, 'दादरी की घटना नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन गलती किसी एक की नहीं बल्कि दोनों तरफ से हुई है। पीड़ित ने गाय को लेकर टिप्पणी की थी, जिसकी वजह से लोगों का गुस्सा भड़का।

मुख्यमंत्री के इस बयान पर विवाद

खट्टर ने कहा कि अगर कोई किसी की मां को मार रहा हो या फिर बहन के साथ छेड़खानी कर रहा हो तो बेटा या भाई को उस दोषी शख्स के खिलाफ गुस्सा आएगा ही। हम लोकतांत्रिक देश में रहते हैं सबको स्वतंत्रता का अधिकार है लेकिन इसकी भी कुछ सीमाएं हैं। सबको उतनी ही स्वतंत्रता मिली हुई है जिससे की कोई दूसरा शख्स आहत न हो।

मुख्यमंत्री खट्टर ने सवाल उठाया कि अगर मुस्लिम बीफ नहीं खाएंगे तो क्या वे मुस्लिम नहीं रहेंगे? ऐसा कहीं नहीं लिखा कि मुस्लिम हैं तो बीफ खाना ही होगा।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में मुख्यमंत्री खट्टर ने ये भी कहा कि मुसलमान देश में रह सकते हैं, लेकिन उन्हें बीफ खाना छोड़ना होगा। यहां गाय को पूजा जाता है। गाय, गीता और सरस्वती देश के बहुसंख्यक समुदाय के लिए धार्मिक विश्वास के प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री खट्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा गोवंश संरक्षण और गो-संवर्धन कानून के मुताबिक, गाय को मारने पर 10 साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा गोमांस खाने पर 5 साल की सजा दी जा सकती है।
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मुख्यमंत्री के बयान का चौतरफा विरोध

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का बयान सामने आते ही इसका चौतरफा विरोध शुरू हो गया। कांग्रेस ने खट्टर पर बड़ा हमला किया है. वहीं खट्टर के ओएसडी ने कहा कि अखबार को दिए इंटरव्यू में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐसा कुछ कहा ही नहीं।

OSD ने अखबार के रवैये को गैरजिम्मेदार करार दिया। खट्टर के OSD जवाहर यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ये जरूर कहा था कि गाय देश में आस्था का विषय है. लेकिन बाकी बातें मनगढ़ंत हैं।

गौरतलब है कि गत 28 सितंबर को यूपी के दादरी में बीफ खाने की अफवाह फैलने के बाद 52 साल के मोहम्मद अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उसके 22 साल के बेटे दानिश को भीड़ ने अधमरा कर दिया था। तब से लेकर आज तक बीफ एक मुद्दा बन गया है, जिस पर आए दिन नई-नई बयानबाजी हो रही है।
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