बीजेपी सरकार ने डॉक्टरों को दीवाली का बड़ा तोहफा दिया है। एक बैठक करके फैसला लिया गया और उस पर मुहर भी लगा दी गई। इसके तहत हरियाणा में अब डॉक्टरों के सेवानिवृत्त होने की आयु सीमा 58 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी।
विज ने कहा कि ऐसा करते हुए राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का अनुकरण किया है। यह भी निर्णय लिया गया है कि जो डॉक्टर प्रशासनिक पदों पर कार्य कर रहें हैं, वे 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होंगे। लेकिन यदि वह अपनी पसंद के किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में प्रैक्टिस करने का विकल्प चुनते हैं तो वे भी 65 वर्ष तक लगातार सेवाएं दे सकेंगे।
विज ने कहा कि उन सेवानिवृत्त डॉक्टरों को भी आवेदन करने का मौका दिया जाएगा, जो मेडिकल प्रेक्टिशनर के रूप में सेवा ज्वाइन करना चाहेंगे, उन्हें दोबारा नियुक्त किया जाएगा। सरकार का तर्क है कि इन उपायों से राज्य में डॉक्टरों की कमी पर नियंत्रण करने में सहायता मिलेगी।