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वित्त प्रबंधन विमर्श: फीका रहा कार्यक्रम, डिप्टी CM, गृह मंत्री, 2 राज्य मंत्रियों समेत 46 MLA नहीं पहुंचे

Mon, 05 Dec 2022 01:00 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री ने एक घंटे बाद कार्यक्रम रुकवा कर सामूहिक चित्र के बाद जलपान कर निकल गए। कांग्रेस विधायक भुक्कल ने बजट की बारीकियां समझाने वालों की शैक्षणिक योग्यता पूछी।
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कार्यक्रम में पहुंचे सीएम मनोहर लाल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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हरियाणा विधानसभा का राज्यों के वित्त प्रबंधन एवं बजट पर विमर्श कार्यक्रम फीका रहा। डिप्टी  सीएम दुष्यंत चौटाला, गृह मंत्री अनिल विज, राज्य मंत्री संदीप सिंह और अनूप धानक समेत 46 विधायक बजट की बारीकियां जानने नहीं पहुंचे।

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एक घंटे तक मौजूद रहने के बाद उन्होंने कार्यक्रम रुकवाया और मंत्रियों, विधायकों के साथ सामूहिक चित्र खिंचवाकर जलपान कर निकल गए। लंच के बाद विधायकों और मंत्रियों की संख्या काफी कम रही।

मंत्रियों, सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने बजट और वित्त प्रबंधन को लेकर पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च संस्था के अनुसंधानकर्ताओं साकेत सूर्य और मानस पर अनेक सवाल दागे। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने बजट की बारीकियां समझा रहे अनुसंधानकर्ताओं की ही शैक्षणिक योग्यता पूछ डाली।
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भुक्कल ने कहा कि जो हमें बजट के बारे में बता रहे हैं, वे अपनी शैक्षणिक योग्यता और संस्था के बारे में बताएं। संस्था सरकारी है या गैर सरकारी, एनजीओ, लाभकारी या गैर लाभकारी है, क्या आप अनुसंधानकर्ता हैं या शोध छात्र। किस आधार पर आप सरकार या विधानसभा का गोपनीय रिकॉर्ड हासिल करते हैं।

भुक्कल के सवाल पर साकेत सूर्य ने कहा कि हम अनुसंधानकर्ता हैं, यह संस्था गैर लाभकारी है। सरकारों या विधानसभा का पब्लिक डोमेन में मौजूद रिकॉर्ड ही हमारे पास रहता है। गोपनीय रिकॉर्ड हम सार्वजनिक नहीं करते हैं।

स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने इसका सांविधानिक प्रावधान बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कमेटियों में प्रावधान है कि किसी भी मुद्दे पर विशेषज्ञों की मदद ले सकती हैं। कमेटी में विशेषज्ञों को सहायक के तौर पर शामिल करने की व्यवस्था है।

बजट का ट्रैकिंग सिस्टम होना जरूरी : वरुण
कांग्रेस विधायक वरुण चौधरी ने कहा कि बजट खर्च का प्रभावी ट्रैकिंग सिस्टम होना चाहिए। बातों और हकीकत में दिन-रात का अंतर होता है। बजट की किताबों में बहुत सी चीजें छिपाई गई होती हैं, उससे विधायक सही आंकलन नहीं कर पाते। उन्होंने साकेत सूर्य से भी बात की और कहा कि वित्त प्रबंधन और बजट विमर्श विषय के प्रस्तुतिकरण में बोल्डनेस होना जरूरी है।

कर्ज को कम करना जरूरी : कुंडू
आजाद विधायक बलराज कुंडू ने कहा कि प्रदेश पर कर्ज बढ़ता जा रहा है, इसे कम करना जरूरी है। वर्तमान में यह कैसे संभव हो सकता है। अनुसंधानकर्ता साकेत ने बताया कि खर्चे कम और कर्ज की अदायगी ज्यादा करनी होगी।

अनुमानित नहीं, वास्तविक होना चाहिए बजट
कृषि मंत्री जेपी दलाल और स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने विमर्श के दौरान कहा कि प्रदेश का आम बजट अनुमानित नहीं, वास्तविक होना चाहिए। अनुमानित बजट में राशि बढ़ा-चढ़ाकर दिखा दी जाती है, जितना खर्च है उतना ही दिखाना सही रहेगा। राजस्व प्राप्तियों के आधार पर बजट बनाना चाहिए। इस पर गीता भुक्कल ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह बात सीएम साहब को बताओ।

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