करवाए जाएंगे यह कोर्स, 20 फीसदी सीट हरियाणा की
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि एनआईएफटी की नीति के मुताबिक इस संस्थान में 20 प्रतिशत सीट हरियाणा वासियों के लिए आरक्षित होंगी। इस संस्थान में फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, अपैरल प्रोडक्शन के क्षेत्रों में चार वर्षीय डिग्री कोर्स और फैशन टेक्नॉलोजी, डिजाइन और फैशन मैनेजमेंट में दो वर्षीय मास्टर डिग्री कोर्स होंगे।
इसके अलावा, एक साल और छह महीने की अवधि के प्रमाणपत्र कार्यक्रम भी होंगे। हालांकि राजकीय बहुतकनीकी संस्थान, पंचकूला में एनआईएफटी के अस्थायी परिसर में लघु अवधि के पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2019-20 से शुरू कर दिए गए थे। वर्तमान में कुल 259 विद्यार्थियों के साथ तीन यूजी और दो पीजी पाठ्यक्रम संचालित हैं। इसके अलावा, शैक्षणिक सत्र 2022-23 से एक और यूजी कोर्स शुरू किया जा रहा है।
रोजगार की नहीं रहती कमी
एनआईएफटी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि 33 विद्यार्थियों का एक बैच अपनी पढ़ाई पूरी कर चुका है। उनमें से 27 को कैंपस प्लेसमेंट मिल गई। चार ने अपना स्टार्टअप शुरू किया है और दो विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए बाहर चले गए हैं। यहां से पढ़ाई के बाद रोजगार की कोई समस्या नहीं रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान की स्थापना होने के बाद फैशन डिजाइन के क्षेत्र में कैरियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने की मुख्यमंत्री की तारीफ
पीयूष गोयल ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि एनआईएफटी का यह कैंपस लैंडमार्क कैंपस के रूप में उभरेगा। यहां से निकलने वाले प्रोफेशनल फैशन की दुनिया में अपना उल्लेखनीय योगदान देंगे। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तारीफ की और कहा कि उन्होंने जिस प्रकाश से प्रदेश में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ को प्राथमिकता दी, उससे महिलाओं का सशक्तीकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि एनआईएफटी के माध्यम से भी बेटियां आगे बढ़ेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संस्थान में दूसरे चरण का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा, क्योंकि मनोहर लाल 24x7 सीएम हैं।