विधानसभा में इस समय कांग्रेस के 45 विधायक हैं। इनमें विनोद शर्मा का नाम भी शामिल है। छह निर्दलीय और बसपा के एक विधायक का कांग्रेस को समर्थन हासिल है।
धर्मबीर और चरणजीत रोड़ी के इस्तीफे के बाद दो पद खाली हैं। यानी इस समय कुल 88 विधायक हैं और सरकार बचाए रखने के लिए 45 विधायकों की जरूरत है, मगर सरकार को इस समय 53 विधायकों का समर्थन हासिल है।
एक-एक कर दूर हो रहे विधायक
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भरोसेमंद विधायक अब एक-एक कर उनसे दूर होते जा रहे हैं। साढ़े चार साल पहले जिन विधायकों को साथ जोड़कर मुख्यमंत्री हुड्डा ने अल्पमत कांग्रेस पार्टी की सरकार लगातार दूसरी बार बनाई थी।
सरकार का कार्यकाल पूरा होने के कुछ समय पहले वे विधायक मुख्यमंत्री का साथ छोड़ रहे हैं। यह अलग बात है कि फिलहाल जादुई आंकड़ों के चलते हुड्डा सरकार को कोई खतरा नहीं है।
ये छोड़ गए सीएम का साथ
भिवानी की मजबूत नेता किरण चौधरी के धुर विरोधी धर्मबीर सिंह मुख्यमंत्री के नजदीकी थे। वे किरण के खिलाफ बोलते थे, मगर सीएम उन पर मेहरबान रहे। आखिर तक सीएम यही मानते रहे कि वे कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे, मगर ऐन वक्त पर कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया।
भिवानी-महेंद्रगढ़ से भाजपा की टिकट पर किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी के खिलाफ चुनाव लड़ा। मुख्यमंत्री की दूसरी बार सरकार बनवाने में विनोद शर्मा और धर्मबीर का हाथ रहा था। जब विधायकों को चंडीगढ़ लाया गया था तब हवाई अड्डे पर विधायकों के साथ विनोद शर्मा, धर्मबीर सिंह, रणदीप सिंह सुरजेवाला थे।
सीएम ने विनोद शर्मा को हमेशा अपने बराबर सम्मान देकर रखा। मगर ऐन वक्त पर वे भी साथ छोड़ गए। शर्मा ने कांग्रेस भी छोड़ दी। सीएम की निकटतम कृष्णा गहलावत भी कांग्रेस छोड़ गईं। सिरसा के पूर्व सांसद डॉ. सुशील इंदौरा भी साथ छोड़ गए और हजकां की टिकट पर सिरसा से चुनाव लड़ा। पूर्व मंत्री रमेश चंद्र कौशिक भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा की टिकट पर सोनीपत लोकसभा का चुनाव लड़े।
पूर्व मंत्री हरि सिंह सैनी और अतर सिंह सैनी भी कांग्रेस छोड़ इनेलो में शामिल हो गए। हुड्डा सरकार में मंत्री रहे मांगे राम गुप्ता काफी समय पहले कांग्रेस से अलविदा हो चुके हैं। सीएम के विरोधी गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह भी कांग्रेस छोड़ गए और भाजपा की टिकट पर गुड़गांव से चुनाव लड़ा।
ये पार्टी के भीतर जता रहे हैं विरोध
मुख्यमंत्री के खिलाफ बोलने वाले पानीपत के कांग्रेस विधायक बलबीर पाल शाह लोकसभा चुनाव में निष्क्रिय रहे। कुमारी सैलजा और चौधरी बीरेंद्र सिंह सार्वजनिक तौर पर सीएम का विरोध करते हैं। कुमारी सैलजा के समर्थक विधायक राजपाल भूखड़ी और नरेश सेलवाल भी सीएम का विरोध करते रहते हैं।
बल्लभगढ़ की विधायक और सीपीएस शारदा राठौर भी नाराज हैं। फरीदाबाद के सांसद अवतार भड़ाना ने राठौर की शिकायत कांग्रेस हाईकमान से की है। मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह भी अंदरखाते सीएम से नाराज रहते हैं। अवतार भड़ाना भी नाराज चल रहे हैं।
सांसद अरविंद शर्मा भी नाराजगी व्यक्त करते रहे हैं। सांसद जितेंद्र मलिक ने चुनाव लड़ने से ही मना कर दिया। हिसार से सांसद रहे सीएम के नजदीकी जयप्रकाश ने भी चुनाव लड़ने से मना कर दिया था।