हरियाणा में कोरोना से जंग लड़ रहे निजी अस्पतालों के डॉक्टरों, नर्सों, अन्य स्टाफ व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी एक्सग्रेसिया का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार शाम जनता को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। महामारी से निपटने में सहयोग दे रहे पुलिसकर्मियों के लिए भी आर्थिक सहायता का एलान किया गया है। किसान अब फसली ऋण 30 जून तक लौटा सकेंगे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकारी स्टाफ की तर्ज पर ही अगर कोरोना से जंग में निजी अस्पताल के डॉक्टर मृत्यु को प्राप्त होते हैं तो उनके आश्रितों को भी 50 लाख रुपये मिलेंगे। नर्स के आश्रितों को 30 लाख, अन्य स्टाफ के परिजन को 20 लाख व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के परिवार को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह प्रावधान सरकार ने इसलिए किया है ताकि निजी अस्पतालों का स्टाफ महामारी से लड़ाई में खुद को असुरक्षित महसूस न करे और जी जान लगाकर अपनी ड्यूटी करे।
बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी कोरोना से पार पाने के लिए दिन रात कार्यरत हैं, अगर इस दौरान उनकी मृत्यु हो जाती है तो उनके परिवारों को 30-30 लाख रुपये दिए जाएंगे। सीएम ने कहा कि किसानों को और राहत दी जा रही है। अब वे 15 अप्रैल तक चुकाने वाला फसली ऋण 30 जून तक वापस दे सकेंगे।
आर्थिक स्थिति और बिगड़ने की संभावना
सीएम ने कहा कि कोरोना के चलते दो-तीन महीने तक राज्य की आर्थिक स्थिति और गड़बड़ाने वाली है। हालात अभी ऐसे ही बने रह सकते हैं, इसलिए संघर्ष की इस घड़ी में सरकार का वित्तीय तौर पर अधिक से अधिक सहयोग करें। अभी तक 46000 लोग 24 करोड़ रुपये राहत कोष में दे चुके हैं।
कर्मचारियों ने सौ फीसदी तक भी योगदान दिया है। अभी कर्मचारी योगदान के लिए आगे आ रहे हैं। 2 अप्रैल तक एप पर राशि दे सकते हैं, इसके बाद और व्यवस्था करेंगे। सरकार राहत कार्यों में जुटी है। 1500 करोड़ खर्च होने हैं, जिसमें से 250 करोड़ गरीब, कमजोर वर्ग को वितरित कर चुके हैं।
याद आ रहा पिता का किस्सा
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि उन्हें 40 साल पहले सुनाया पिता का किस्सा याद आ रहा है। वह 18-20 साल में पढ़ाई छोड़कर दिल्ली व्यवसाय के लिए जा रहे थे, तब पिता ने सलाह दी थी कि जितनी पूंजी अपने पास हो उतनी ही बाजार से सामग्री उठाना। किसी भी समय वित्तीय संकट आ सकता है। जिससे अपनी पूंजी से पार पा सकते हैं। सीएम ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति अच्छी है लेकिन जंग बड़ी है इसे मिलकर ही लड़ना होगा।
जारी रहेगा टीकाकरण अभियान
प्रदेश में लॉकडाउन के बावजूद टीकाकरण अभियान जारी रहेगा। स्वास्थ्यकर्मी पहले की तरह इस अभियान में अपनी ड्यूटी देते रहेंगे। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा के राज्य प्रधान ओमपति, महासचिव हरिनिवास व प्रेस सचिव संदीप कुंडू ने बताया कि प्रदेश में कोरोना के मामलों के बीच सरकार व विभाग के आदेशों का पालन करते हुए हेल्थ वर्कर्स गर्भवती महिलाओं व शिशुओं का टीकाकरण कर रहे हैं। जोकि जोखिम भरा है।
उनके अनुसार विभाग के आदेशानुसार इस दौरान भी एएनसी, एमसीएच सेवाएं, टीकाकरण, टीबी, मलेरिया के लिए सेवाएं नियमित रूप से जारी रखने बारे आदेश दिए गए हैं। हालांकि यह कार्य अत्यंत जोखिम भरा है, क्योंकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही हो सकता, क्योंकि टीका लगाने के लिए बच्चे व अभिभावक के पास उचित मुद्रा में बैठकर ही सही रूट से टीका लगाया जा सकता है। जिससे शिशु, अभिभावक व हेल्थ वर्कर्स को संक्रमण का खतरा है।
बहुउद्देशीय स्वास्थ्यकर्मी एसोसिएशन की राज्य प्रधान ओमपति की अपील व विभाग के आदेशों की पालना में जोखिम उठाते हुए टीकाकरण कर रहे हैं। प्रधान ओमपति ने सभी साथियों से हर संभव सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी साथी 24 घंटे ड्यूटी देने के लिए हर समय तैयार रहें।