महिला को एंबुलेंस में लेकर जब पुलिसकर्मी अस्पताल जाने लगे तभी लाठी-डंडे लेकर परिजन आ गए और एंबुलेंस पर हमला बोल दिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस ने रोकना चाहा तो पथराव शुरू कर दिया, जिस पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद पुलिस और एंबुलेंस वहां से निकली और महिला को जीएमएसएच-16 पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद महिला की मौत की सूचना देने जब मनीमाजरा थाना प्रभारी जसविंदर कौर महिला के घर पहुंचीं तो परिजनों और समुदाय के लोगों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस को दोबारा बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान कई परिजन घायल हो गए। पुलिस सात परिजनों को उठाकर थाने ले गई, जिनको कुछ देर बाद वापस घर छोड़ दिया गया। इसके बाद फिर हंगामा होने पर डीएसएपी शमशेर सिंह चंदेल मौके पर पहुंचे और जैसे-तैसे लोगों को शांत कराकर उन्हें घरों के अंदर भेजा और घायल परिजनों को अस्पताल पहुंचाया।
परिजनों का आरोप- सिर पर डंडा मारने से हुई मौत
मृतक महिला के पति सज्जन के भाई जंगा ने आरोप लगाया कि उनकी भाभी मिंदो अपने पति की दवाई लेने गई थी। इसी दौरान रास्ते में पुलिसकर्मियों ने उन्हें बेवजह घूमने का हवाला देकर डंडों से पीट दिया। जब उन्होंने भागने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों ने पीछे से सिर पर डंडा मार दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं, मृतका के भतीजे मलकीत ने पुलिसकर्मियों पर उनकी चाची को डंडा मारने के अलावा विरोध करने के बाद घर में घुसकर मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। उसने बताया कि चाची की मौत के बाद आसपास के लोगों ने जब पुलिस की गाड़ी भी मौके पर रोक ली तो गुस्साए पुलिसकर्मियों ने थाने से और पुलिस बल को बुला लिया। इसके बाद उन्होंने घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की। इसमें एक दिव्यांग किशोर को भी मारपीट कर घायल कर दिया।
देर शाम शव का वीडियोग्राफी के बाद पोस्टमार्टम
पुलिस ने देर शाम महिला के शव की पहले वीडियोग्राफी कराई, उसके बाद जीएमएसएच-16 में पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद डीएसपी दिलशेर सिंह चंदेल ने कहा कि पोस्टमार्टम के दौरान महिला के शव पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं, जिससे यह साबित होता है कि उनसे किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई है। महिला की मौत हार्टअटैक से हुई लगती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का कोई खुलासा नहीं हुआ है। ऐसे में विसरा जांच के लिए भेजा जाएगा।