इसके मद्देनजर अब जीएसटी के क्रियान्वयन में नियमों में संशोधन तथा अधिसूचनाओं के अलावा कई निर्णय लेने पड़ते हैं, हरियाणा माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 के तहत नए नियम बनाने, कर की दर निर्धारित करने, अधिसूचनाएं जारी करने और इनमें संशोधन करने समेत प्रदेश में जीएटी के क्रियान्वयन से संबंधित सभी मामलों के लिए मुख्यमंत्री को शक्तियों का यह हस्तांतरण आगामी छह माह की अवधि के लिए जारी रहेगा।
नरवाना का गांव धनौरी अब कैथल तहसील में
मंत्रिमंडल की बैठक में जिला जींद की तहसील नरवाना के गांव धनौरी को जिला कैथल की तहसील कैथल में शामिल करने से संबंधित राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। यह निर्णय गांव धनौरी की ग्राम पंचायत द्वारा पारित किए गए एक प्रस्ताव के आधार पर लिया गया है।
जिला जींद से गांव धनौरी की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है जबकि तहसील एवं जिला मुख्यालय कैथल से यह गांव मात्र 23 किलोमीटर दूर है। उधर, बैठक में बागवानी विभाग से संबंधित एक कनाल पांच मरला भूमि पंचकूला में यूनिवर्सिटी लाइन डिपार्टमेंट कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना हेतु चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार को हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
नारायणगढ़ चीनी मिल को 60 करोड़ लोन देगी सरकार
मंत्रिमंडल की बैठक में नारायणगढ़ चीनी मिल को 60 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान करने के स्वीकृति प्रदान की गई ताकि यह मिल किसानों को गन्ने के बकाया का भुगतान कर सके। इसके साथ ही मंत्रिमण्डल ने दूध उपकर पर चक्रवर्ती ब्याज माफ करने का निर्णय लिया और इससे डिफाल्टर दूध प्लांटों को 50 प्रतिशत बकाया का भुगतान करना होगा। चक्रवृद्धि ब्याज के बजाय अब 12 प्रतिशत साधारण ब्याज दर लागू होगी। दूध पर उपकर 5 पैसे प्रति लीटर की दर से ही लागू रहेगा। इस मिल में बकाया के लिए कई दिनों से गन्ना उत्पादक नारायणगढ़ में आंदोलनरत हैं।
ग्रुप सी सेवा नियम में संशोधन
बैठक में हरियाणा वास्तुकला तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा नियम,1990 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। नए नियम हरियाणा वास्तुकला तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा (संशोधन) नियम, 2019 कहे जाएंगे। नए सेवा नियम आर्किटेक्चरल असिस्टेंट, सीनियर ड्राफ्ट्समेन, सीनियर ड्राफ्ट्समेन (इंटीरियर डेकोरेटर), सीनियर ड्राफ्ट्समेन(मॉडलर), जूनियर ड्राफ्ट्समेन, असिस्टेंट ड्राफ्ट्समेन और फेरो-प्रिंटर जैसे विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती, पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति या स्थानांतरण के मामले में लागू होंगे।
बिजली शुल्क में मिली छूट
बैठक में 31 मार्च, 2020 तक जनरेटिंग सेट्स व स्व उत्पादन पर बिजली शुल्क लगाने से छूट को स्वीकृति प्रदान दी गई । ऐसे उत्पादनों पर बिजली शुल्क लगाने से छूट की अनुमति इस तथ्य को देखते हुए दी जा रही है कि मालिकों द्वारा जनरेटिंग सेट्स कटौती, ब्रेकडाउन या पावर कट्स के चलते बिजली आपूर्ति प्रणाली फेल होने के कारण चलाए जाते हैं।
‘जैसा है, जहां हैं’ आधार पर विश्वविद्यालय को सौंपा सीपीबी
बैठक में सेंटर फॉर प्लांट बायोटेक्नोलॉजी (सीपीबी)को विज्ञान परिषद से चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार को हस्तांतरित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। सीपीबी को सभी मौजूदा संपत्तियों और देनदारियों के साथ ‘जैसे है जहां है’ आधार पर विश्वविद्यालय को इस शर्त पर हस्तांतरित किया जाएगा कि विश्वविद्यालय सीपीबी का संचालन उसके निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप ही करेगा और विभाग की अनुमति के बिना कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
विश्वविद्यालय द्वारा सीपीबी के सभी नियमित कर्मचारियों की सेवाओं का समावेश किया जाएगा और उन्हें सीपीबी में नियमित आधार पर प्रदान की गई सेवा की निरंतरता और अन्य सेवाओं के लाभ प्रदान करेगा। सीपीबी के वे नियमित कर्मचारी जो विश्वविद्यालय में जाने के इच्छुक नहीं हैं, हरियाणा राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद में बने रह सकते हैं।
राज्य सरकार देगी लोन गारंटी
बैठक में प्रदेश के सेवारत रक्षा कर्मियों तथा भूतपर्वू सैनिकों के लिए झज्जर के सेक्टर-6 और फरीदाबाद के सेक्टर-56, 56ए में भूमि की खरीद एवं विकास और आवासीय फ्लैटों के निर्माण हेतु हरियाणा आवास बोर्ड, पंचकूला द्वारा 34 करोड़ रुपये का सावधिक ऋण लेने और इस ऋण के लिए राज्य सरकार की गारंटी देने की स्वीकृति प्रदान की गई।
बिना लाइसेंस नकदी परिवहन के लिए सुरक्षा नहीं देंगी निजी एजेंसियां
हरियाणा में नकदी इधर-उधर भेजने के लिए मनोहर लाल सरकार ने नियमों को कड़ा कर दिया है। प्रदेश में बिना लाइसेंस नकदी परिवहन के लिए कोई भी निजी एजेंसी सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकेगी। सुरक्षा देने के लिए उसे सरकार से लाइसेंस लेना होगा। निजी सुरक्षा एजेसियां कैश परिचालन के लिए विशेष रूप से डिजाइन वैन का ही प्रयोग करेंगी।
कैबिनेट मंत्री ओपी धनखड़ ने पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में यहां मंत्रिमंडल बैठक में निजी सुरक्षा एजेंसियां (विनियमन) अधिनियम, 2005 के तहत हरियाणा निजी सुरक्षा एजेंसियां (कैश (रोकड़) परिवहन गतिविधियों के लिए निजी सुरक्षा नियम, 2019 बनाने को मंजूरी दी गई है। धनखड़ के अनुसार सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंक, अन्य वित्तीय सेवा प्रदाता निजी सुरक्षा एजेंसियां बख्तरबंद कार सेवा का उपयोग कर नकदी एवं कीमती वस्तुओं के सुरक्षित संचालन एवं परिवहन की आउटसोर्सिंग कर रहे हैं।
ये निजी स्वामित्व वाली कैश वैन और करेंसी वाल्टस उपद्रवियों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गए हैं। विभिन्न राज्य पुलिस एजेंसियों ने ऐसी कई घटनाओं की सूचना दी है और असामाजिक तत्वों के हाथों में बड़ी मात्रा में नकदी जाने का खतरा बढ़ गया है, इसलिए अब कोई भी निजी एजेंसी बिना लाइसेंस के नकद परिवहन के लिए सुरक्षा प्रदान नहीं करेगी।
वे विशेष रूप से डिजाइन किए गए और निर्मित कैश वैन का उपयोग करेंगी। निजी एजेंसियां अपेक्षित संख्या में प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध करवाएंगी और नकदी परिवहन के लिए तैनात कर्मियों के पूर्व जीवन की जांच केवीसी सत्यापन और पुलिस सत्यापन के माध्यम से सुनिश्चित करेंगी। कैश वैन के संचालन के दौरान उनमें लाइव जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम होना जरूरी है।
वैन में सीमित नकदी रखने के संबंध में उचित दिशा निर्देश तैयार करने होंगे। बैंक मुद्रा की होल्डिंग और रातभर उन्हें सुरक्षित रखने के लिए उपयोग किए जाने वाले निजी कैश वाल्ट्स के लिए विशिष्टता निर्धारित करना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
कुछ अन्य निर्णय
- हरियाणा सरकार ने पिछड़े वर्गों के उत्थान और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम से ऋण लेने में सक्षम बनाने के लिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम की सरकारी गारंटी सीमा को 30 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40 करोड़ रुपये किया।
- हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2019 को स्वीकृति दी गई। राज्य में उद्यमियों तथा उद्योगों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सरल बनाया गया है। मौजूदा उद्यमों को शामिल कर, पहले से मंजूरी के नवीनीकरण, एकल खिड़की तंत्र के दायरे में सेवाओं और विभागों के विस्तार, लचीली समय सीमा और नोडल अधिकारियों को शक्तियां प्रदान करने का रास्ता विधेयक ने खोल दिया है। ये संशोधन हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड और अधिकार प्राप्त कार्यकारी समिति को त्वरित निर्णय लेने के अलावा उद्यमों को समयबद्ध तरीके से डीम्ड स्वीकृति देने के अधिकार भी प्रदान करेंगे। सरकार ने यह महसूस किया कि मौजूदा व्यवसायों को इस अधिनियम का लाभ नहीं मिल रहा है, क्योंकि लाइसेंस का नवीनीकरण अधिनियम के दायरे से बाहर था।