हरियाणा की खट्टर सरकार ने पंचायतों के सशक्तीकरण के लिए अहम फैसला लिया है। प्रदेश के सरकारी विभागों के पास सरप्लस पड़ी पंचायती भूमि की अदला-बदली विभाग आपस में अब नहीं कर सकेंगे। विभागों को ये भूमि विकास कार्यों के लिए पंचायतों को लौटानी होगी। सरकार ने मंत्रिमंडल बैठक में विभागों की सरप्लस जमीनों को मात्र एक रुपये के टोकन मूल्य पर पंचायतों को वापस हस्तांतरित करने का फैसला लिया है।
सिंचाई विभाग की ओर से कैबिनेट में जिला फतेहाबाद के गांव जमालपुर में 26 कनाल 19 मरला भूमि को पंचायती राज विभाग को व्यायामशाला व योगशाला बनाने के लिए हस्तांतरित करने का प्रस्ताव लाया गया था, जिसे मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद मंत्रिमंडल ने खारिज कर दिया। सीएम मनोहर लाल ने इस पर ये कहते हुए आपत्ति जताई कि इस प्रस्ताव को मंजूरी देना शोभनीय नहीं है, चूंकि ये जमीन पंचायत से ही सिंचाई विभाग को मिली है, इसलिए इसे पंचायती राज विभाग को सर्किल रेट के आधार पर नहीं दिया जाना चाहिए।
इस तरह के अन्य मामलों में भी सरकारी विभाग विकास कार्यों के लिए अपने पास सरप्लस पड़ी भूमि को पंचायतों को ही लौटाएंगे। गांव जमालपुर की 26 कनाल 19 मरला भूमि पंचायत को एक रुपये मूल्य लागत पर मिलने के बाद अब पंचायत ही योगशाला एवं व्यायामशाला बनाएगी। सीएम के प्रधान सचिव आरके खुल्लर ने कैबिनेट में यह निर्णय लिए जाने की पुष्टि की है।