जिनमें से यूपीएससी तीन सबसे उपयुक्त आईपीएस का नाम छंटनी कर सरकार को भेजेगी। इनमें से किसी एक को ही सरकार डीजीपी बना सकती थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि उन्हीं आईपीएस के नाम डीजीपी के लिए भेजे जाएं, जिनका पर्याप्त कार्यकाल बचा हो। राज्यों ने अगर कोई कानून डीजीपी की नियुक्ति के लिए बनाया है तो उसे स्थगित रखा जाएगा।
रिहायशी प्लॉटों की कामर्शियल ट्रांसफर फीस 50 फीसदी घटी
हरियाणा सरकार की ट्रांसफर फीस जमा करवाकर रिहायशी प्लॉटों का इस्तेमाल वाणिज्यिक रूप से करने संबंधी योजना के प्रति लोगों का खास रुझान नहीं दिख रहा है। इसके चलते न केवल सरकार को राजस्व नुकसान हो रहा है, बल्कि रिहायशी प्लॉटों पर अवैध रूप से कामर्शियल गतिविधियां भी बदस्तूर जारी है।
इसी के मद्देनजर अब हरियाणा सरकार ने अपनी इस योजना के अंतर्गत प्लॉट धारकों को और छूट देने का निर्णय लिया है।
सरकार ने इसके अंतर्गत अब रिहायशी प्लॉटों की कामर्शियल ट्रांसफर फीस को 50 फीसदी तक कम कर दिया है। यानी अब आधी ट्रांसफर फीस जमा करवाकर लोग अपने रिहायशी प्लॉटों को कामर्शियल प्लॉट में तब्दील कर वहां अपनी व्यावसायिक गतिविधियां चला सकते हैं। कैबिनेट ने वाणिज्यिक उपयोग के लिए आवासीय भूखंडों के रूपांतरण और नगरपालिका सीमा के भीतर पुनर्वास, नगर आयोजना एवं सुधार न्यास योजनाओं में ऐसे अवैध रूपांतरणों के नियमितीकरण के लिए नीति मानकों में संशोधन करने को मंजूरी दी गई।
- संशोधन के तहत, नगर निगम गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए मौजूदा भवनों के नियमितीकरण के लिए रूपांतरण फीस को 15,325 रुपये प्रति वर्ग मीटर से घटाकर 7,662 रुपये प्रति वर्ग मीटर और नए रूपांतरणों के लिए 14,000 रुपये से घटाकर 7000 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई है।
- अन्य नगर निगम क्षेत्रों में, मौजूदा भवनों के नियमितीकरण के लिए रूपांतरण शुल्क या फीस को 12,180 रुपये प्रति वर्ग मीटर से घटाकर 6090 रुपये और नयों के लिए 11,000 रुपये से घटाकर 5,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक किया गया है।
- नगर परिषद क्षेत्रों में मौजूदा भवन के नियमितीकरण के लिए प्रति वर्ग मीटर के शुल्क या फीस को 10,608 रुपये से घटाकर 5304 रुपये तक और नए के लिए 9000 से घटाकर 4500 रुपये तक किया गया है।
- नगर पालिका क्षेत्रों में, मौजूदा भवन के नियमितीकरण के लिए प्रति वर्ग मीटर के शुल्क या फीस को 9316 रुपये से घटाकर 4658 रुपये तक और नयों के लिए 8000 रुपये से घटाकर 4000 रुपये तक कम किया गया है।
- समय सीमा में आदेश जारी करने की तिथि से तीन महीने का विस्तार प्रदान करने निर्णय भी लिया गया है, ताकि लोग नीति के तहत रूपांतरण व नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सके।