हरियाणा सरकार ने स्थायी भर्ती न होने पर सरकारी कॉलेजों में खाली चल रहे पदों पर सेवानिवृत्त प्राचार्यों, सहायक प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर को पुनर्नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में यहां मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त प्राचार्य, सहायक प्राध्यापकों और सह-प्राध्यापकों को 60 साल की आयु तक दोबारा नियुक्ति दी जाएगी। उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर यह प्रस्ताव कैबिनेट में लाया गया था। नियुक्ति प्रक्रिया के विज्ञापन की तिथि को इनकी आयु साढ़े उनसठ वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। अंतिम 10 वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में से 80 प्रतिशत बहुत अच्छी या इससे ऊपर होना जरूरी है।
सेवाकाल के दौरान किसी विभागीय कार्रवाई में दोषी करार नहीं होने चाहिए। न ही कोई गंभीर मामला लंबित हो। आपराधिक मुकदमा चलने या सजा की स्थिति में पात्र नहीं माना जाएगा। सक्रिय सेवा के दौरान राष्ट्रीय या राज्य स्तर का पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त प्राचार्यों, सहायक प्राध्यापकों और सह-प्राध्यापकों को प्राथमिकता मिलेगी।
6078 ग्राम पंचायतें होंगी वाईफाई
वाई फाई एक्सेस
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा आईटी और ईएसडीएम नीति -2017 को मंजूरी दी गई। नीति में दो वर्ष के भीतर सभी 6,078 ग्राम पंचायतों में एक वाईफाई जोन, सभी घरों में ब्रॉडबैंड और सभी कस्बों एवं शहरों में महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर वाईफाई जोन, आगामी तीन वर्षों में हर गांव में 4 जी सेवाएं उपलब्ध करवाना शामिल हैं।
नीति का उद्देश्य उद्यम प्रोत्साहन नीति-2015 के तहत राज्य के विजन को साकार करने के लिए पांच वर्र्षों में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) क्षेत्रों को प्रमुख विकास क्षेत्रों के रूप में विकसित करना है। मसौदा नीति के पांच साल के लक्ष्य में 2020 तक आईटी-एएसडीएम सेक्टर में 15 लाख लोगों के लिए रोजगार सृजित करना, राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इस क्षेत्र के योगदान को 9.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करना और 1000 पेटेंट का निमाज़्ण करके ईएसडीएम के लिए अनुसंधान और विकास में हरियाणा को अग्रणी बनाना शामिल है। वर्ष 2000 के बाद आईटी एवं ईएसडीएम क्षेत्र के लिए लक्षित नीति बनाई गई है। यह नीति लम्बे समय से अपेक्षित और इससे क्षेत्र का उल्लेखनीय विकास होगा।