हरियाणा में गीता जन्मस्थली धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र, मोरनी हिल और पिंजौर जैसा तीर्थाटन और पर्यटन के प्रमुख स्थलों के बावजूद अभी तक राज्य में रोजाना पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या बहुत कम है। इस बजट में हरियाणा को लाइम लाइट में लाने की दिशा में कदम उठाने की झलक दिखती है, क्योंकि कुरुक्षेत्र के अलावा महेंद्रगढ़, राखीगढ़ी, लोहगढ़ और सूरजकुंड पर फोकस किया गया है।
बजट में अब अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला स्थल पर हरियाणा सरकार और पर्यटन विभाग दिवाली उत्सव मेले की शुरुआत करने जा रही है। इस मेले की शुरुआत भारत के हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक ताने बाने की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करने वाले सूरजकुंड अतंरराष्ट्रीय मेला अलावा अब इसी जगह सूरजकुंड पर 2023 में दिवाली उत्सव मेले के रूप में होगी।
वहीं महेंद्रगढ़ में च्यवन ऋषि प्राचीन आश्रम स्थल ढोसी की पहाड़ी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस जगह को भारत में मात्र चार विलुप्त ज्वालामुखियों में से एक प्रतिष्ठित पर्यटन स्थल के रुप में भी विकसित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने बजट में रखा है। गुरुग्राम और नूंह जिलों में एक हजार एकड़ भूमि पर अरावली सफारी पार्क विकसित करने की योजना का जिक्र किया है। इसे भारत के सबसे बड़े पार्क के रूप में स्थापित करने की योजना है। इस प्रस्ताव को बजट में रखने के साथ मुख्यमंत्री ने जल्द इस पार्क की आधारशिला रखने की बात कही है।
250 करोड़ की लागत से बना ज्योतिसर थीम पार्क 2023-24 में खुलेगा
गीता जन्मस्थली पर भगवान श्री कृष्ण ने दुनिया को भगवद्गीता का सार्वभौम ज्ञान दिया। यहां लगभग 250 करोड़ से थीम पार्क 2023-24 खुलेगा। जिसमें महाभारत की कहानी के वाचन के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी उपकरणों का उपयोग करने वाला भारत में अपनी तरह का पहला केंद्र होगा। वहीं मुख्यमंत्री ने बजट में यह बताने का प्रयास किया है कि पूर्व की कई योजनाओं के माध्यम से हरियाणा को पर्यटन की दृष्टि से भी आगे लाने के प्रयास हो रहे हैं। इनमें एक अनुभव केंद्र और एक मार्शल स्पोर्ट्स संग्रहालय के साथ बाबा बंदा सिंह बहादुर मेमोरियल पार्क और लोहगढ़ किले पर काम शुरू हुआ है।
राखीगढ़ी में एक आधुनिक संग्रहालय 2023-24 में चालू होने की संभावना
केंद्र संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की साझेदारी से राखीगढ़ी में एक आधुनिक संग्रहालय की स्थापना की जा रही है। इस संग्रहालय में सरस्वती सिंधु क्षेत्र की प्राचीन गौरवशाली सभ्यता और परिसर में खुदाई से निकले अवशेषों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस संग्रहालय के वित्त वर्ष 2023-24 में चालू होने की संभावना है।