भारत सरकार ने नवंबर 2014 से हरियाणा के लिए 17 नये राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किये हैं, जिनकी कुल लंबाई 1069.82 किलोमीटर है। इनमें दो मुख्य ग्रीन फील्ड कॉरिडोर इस्माइलाबाद से नारनौल (राष्ट्रीय राजमार्ग-152डी) और सोहना-वडोदरा (राष्ट्रीय राजमार्ग-148एन) शामिल हैं। इनके निर्माण का कार्य आवंटित कर दिया गया है।
चार दिन में गड्ढा नहीं भरा, तो शिकायतकर्ता को मिलेंगे 100 रुपये
सरकार ने समयबद्ध तरीके से मरम्मत सुनिश्चित करने के लिए ‘स्टेट ऑफ आर्ट’ जेटपैचर मशीनों के माध्यम से पैच और गड्ढों की मरम्मत का कार्य आवंटित किया है। सड़कों पर गड्ढ़ों की सूचना विभाग के अधिकारी तथा आम जनता द्वारा ‘हरपथ एप‘ पर अपलोड की जा रही है। ठेकेदार द्वारा 96 घंटों में गड्ढे की मरम्मत की जानी है।
इस समय-सीमा में मरम्मत न किए जाने पर ठेकेदार पर 1000 रुपये प्रति गड्ढा प्रतिदिन के स्वत: जुर्माने का प्रावधान है। अगर शिकायत 96 घंटे में दूर नहीं की जाती है तो इस जुर्माने की राशि में से उसी शिकायतकर्ता को 100 रुपये प्रोत्साहन राशि देने की योजना को पहली अप्रैल, 2020 से लागू किया जाएगा।
वर्ष 2019-20 में 438 किमी लंबी 182 नई सड़कों का निर्माण 382.29 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। 1130 करोड़ रुपये की लागत से 1566 किमी लंबे छह करम या इससे अधिक चौड़े सभी 530 कच्चे रास्तों को पक्की सड़क में बदलने का कार्य समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।
रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और राज्य के रेल सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी के लिए हरियाणा सरकार ने रेल मंत्रालय के साथ मिलकर एक संयुक्त उद्यम कंपनी, हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचआरआईडीसी) का गठन किया है। एचआरआईडीसी ने राज्य में कई महत्वपूर्ण रेल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शुरू की हैं।
5600 करोड़ रुपये की लागत से, हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना रेलवे मंत्रालय द्वारा स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, 150 किलोमीटर लंबी जींद-हांसी नई रेलवे लाइन और 61 किलोमीटर लंबी करनाल-यमुनानगर नई रेलवे लाइनों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को भी अंतिम रूप देकर रेलवे मंत्रालय को भेजा गया है।
कैथल शहर में लगभग 4.5 किमी लंबी एलिवेटेड रेलवे लाइन की परियोजना तैयार की गई है, जिसे स्वीकृति के लिए रेल मंत्रालय को शीघ्र प्रस्ताव भेजा जायेगा। इस परियोजना से कैथल शहर तीन रेलवे क्रासिंग (देवीगढ़ रोड, करनाल रोड, पुराने अंबाला-हिसार बाईपास) से मुक्त हो जाएगा, जिससे यातायात का संचालन सुचारू रूप से होगा।
इसी प्रकार, जींद शहर की चारों रेलवे लाइनों (जींद-पानीपत, जींद-रोहतक, जींद-सोनीपत, प्रस्तावित जींद-हांसी) को आपस में जोड़कर पांडु पिंडारा के पास एक नया जक्शन बनाने का अध्ययन किया जा रहा है। कलानौर और गोहाना रेलवे स्टेशन पर हिसार से हरिद्वार जाने वाली ट्रेन के ठहराव के लिए तथा बवानीखेड़ा में किसान एक्सप्रेस (बठिंडा-दिल्ली ट्रेन) के ठहराव के लिए भी अनुग्रह करेंगे।