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बिछेगा रेललाइन और हाइवे का जाल, 96 घंटों में गड्ढा नहीं भरा, तो शिकायतकर्ता को मिलेंगे 100 रुपये

Sat, 29 Feb 2020 12:13 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • हरियाणा में सड़कों के निर्माण के लिए 3541.32 करोड़ का प्रावधान, नई हाइवे बनेंगे।
  • 5600 करोड़ की हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना को रेलवे मंत्रालय की हरी झंडी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सड़क और रेल पटरी पर सरपट दौड़े जिंदगी, इसका भी इंतजाम हरियाणा सरकार अगले वित्त वर्ष दौरान करेगी। बजट सत्र में सरकार का दावा है कि सड़क सुधार और रेल परिवहन की दिशा में अरबों की योजनाएं चल रही है, जिन्हें आर्थिक मजबूती के साथ सिरे चढ़ाने की दिशा में तेजी से बढ़ा जाएगा।

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इसी दिशा में वर्ष 2020-21 में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के लिए 3541.32 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव किया गया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-पार्ट थ्री के तहत वर्ष 2020-21 के दौरान लगभग 1000 किलोमीटर सड़कों का सुधार होने की आशा है। वर्ष 2019-20 में नाबार्ड स्कीम के तहत 138.33 करोड़ रुपये की राशि की 40 परियोजनाएं स्वीकृत हुई। वर्ष 2020-21 में 232.76 करोड़ रुपये की लागत से 81 सड़कों का सुधार करने का एक प्रस्ताव नाबार्ड को भेजा गया है। 

राज्य सरकार की पहल पर, पांच परियोजनाएं भिवानी से चरखी दादरी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-148बी को चार लेन बनाने, भिवानी बाईपास समेत खरक से भिवानी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-709ई को चार मार्गी बनाने, पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-21ए पर पिंजौर में बाईपास, कैथल से अंबाला तक राष्ट्रीय राजमार्ग-65 को चार मार्गी बनाने, पंजाब सीमा से जींद वाया नरवाना राष्ट्रीय राजमार्ग-71 को चार मार्गी बनाने और पंचकूला से यमुनानगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-73 को चार मार्गी बनाने की भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इन सभी परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है।

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भारत सरकार ने नवंबर 2014 से हरियाणा के लिए 17 नये राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किये हैं, जिनकी कुल लंबाई 1069.82 किलोमीटर है। इनमें दो मुख्य ग्रीन फील्ड कॉरिडोर इस्माइलाबाद से नारनौल (राष्ट्रीय राजमार्ग-152डी) और सोहना-वडोदरा (राष्ट्रीय राजमार्ग-148एन) शामिल हैं। इनके निर्माण का कार्य आवंटित कर दिया गया है।

चार दिन में गड्ढा नहीं भरा, तो शिकायतकर्ता को मिलेंगे 100 रुपये 
सरकार ने समयबद्ध तरीके से मरम्मत सुनिश्चित करने के लिए ‘स्टेट ऑफ आर्ट’ जेटपैचर मशीनों के माध्यम से पैच और गड्ढों की मरम्मत का कार्य आवंटित किया है। सड़कों पर गड्ढ़ों की सूचना विभाग के अधिकारी तथा आम जनता द्वारा ‘हरपथ एप‘ पर अपलोड की जा रही है। ठेकेदार द्वारा 96 घंटों में गड्ढे की मरम्मत की जानी है। 

इस समय-सीमा में मरम्मत न किए जाने पर ठेकेदार पर 1000 रुपये प्रति गड्ढा प्रतिदिन के स्वत: जुर्माने का प्रावधान है। अगर शिकायत 96 घंटे में दूर नहीं की जाती है तो इस जुर्माने की राशि में से उसी शिकायतकर्ता को 100 रुपये प्रोत्साहन राशि देने की योजना को पहली अप्रैल, 2020 से लागू किया जाएगा।  

वर्ष 2019-20 में 438 किमी लंबी 182 नई सड़कों का निर्माण 382.29 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। 1130 करोड़ रुपये की लागत से 1566 किमी लंबे छह करम या इससे अधिक चौड़े सभी 530 कच्चे रास्तों को पक्की सड़क में बदलने का कार्य समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।
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211 किमी नई रेल लाइनों की डीपीआर केंद्र को भेजी

रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और राज्य के रेल सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी के लिए हरियाणा सरकार ने रेल मंत्रालय के साथ मिलकर एक संयुक्त उद्यम कंपनी, हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचआरआईडीसी) का गठन किया है। एचआरआईडीसी ने राज्य में कई महत्वपूर्ण रेल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शुरू की हैं। 

5600 करोड़ रुपये की लागत से, हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना रेलवे मंत्रालय द्वारा स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, 150 किलोमीटर लंबी जींद-हांसी नई रेलवे लाइन और 61 किलोमीटर लंबी करनाल-यमुनानगर नई रेलवे लाइनों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को भी अंतिम रूप देकर रेलवे मंत्रालय को भेजा गया है। 

कैथल शहर में लगभग 4.5 किमी लंबी एलिवेटेड रेलवे लाइन की परियोजना तैयार की गई है, जिसे स्वीकृति के लिए रेल मंत्रालय को शीघ्र प्रस्ताव भेजा जायेगा। इस परियोजना से कैथल शहर तीन रेलवे क्रासिंग (देवीगढ़ रोड, करनाल रोड, पुराने अंबाला-हिसार बाईपास) से मुक्त हो जाएगा, जिससे यातायात का संचालन सुचारू रूप से होगा।

इसी प्रकार, जींद शहर की चारों रेलवे लाइनों (जींद-पानीपत, जींद-रोहतक, जींद-सोनीपत, प्रस्तावित जींद-हांसी) को आपस में जोड़कर पांडु पिंडारा के पास एक नया जक्शन बनाने का अध्ययन किया जा रहा है। कलानौर और गोहाना रेलवे स्टेशन पर हिसार से हरिद्वार जाने वाली ट्रेन के ठहराव के लिए तथा बवानीखेड़ा में किसान एक्सप्रेस (बठिंडा-दिल्ली ट्रेन) के ठहराव के लिए भी अनुग्रह करेंगे।
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