फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: हरियाणा भाजपा को जल्द मिलेगा नया अध्यक्ष, दौड़ में सबसे आगे मनीष ग्रोवर और सुभाष बराला का नाम

Sat, 23 Mar 2024 04:09 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

क्षेत्रीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए पार्टी करनाल के बजाय किसी दूसरे शहर से प्रधान नियुक्त करना चाहती है। वहीं, जाट कोटे से सुभाष बराला का नाम चल रहा है। सैनी के मंत्रिमंडल में जाट कोटे के मंत्रियों की संख्या सिर्फ तीन है, जबकि मनोहर सरकार में जाट कोटे के पांच मंत्री थी।
विज्ञापन
bjp - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा भाजपा को प्रदेश अध्यक्ष जल्द मिल सकता है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष नायब सिंह सैनी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से नए प्रधान के लिए कई नामों पर कश्मकश जारी है। नए अध्यक्ष को लेकर सीएम व पूर्व सीएम मनोहर लाल की शीर्ष नेतृत्व से बातचीत हो चुकी है। ऐसे में पार्टी कभी भी नए अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है। 

विज्ञापन


भाजपा इस पद पर ऐसे व्यक्ति को बैठाना चाहती है जो पार्टी के जातीय समीकरण में फिट बैठे और सबको साथ लेकर चल सके। पार्टी फोरम में कई नामों पर चर्चा चल रही है। मगर दौड़ में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर और राज्यसभा सांसद व पूर्व अध्यक्ष सुभाष बराला का नाम काफी आगे चल रहा है। दोनों के पक्ष में काफी मजबूत समीकरण बन रहे हैं।

पूर्व सीएम मनोहर लाल के मुख्यमंत्री के पद से हटने और विज को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर पार्टी पंजाबियों को साधने की पूरी कोशिश में हैं। ऐसे में पार्टी मनीष ग्रोवर को प्रधान बनाकर पंजाबियों को साध सकती है। ग्रोवर हुड्डा के गढ़ रोहतक के रहने वाले हैं। आरएसएस से जुड़ने के बाद उन्होंने संगठन में काम किया है। प्रदेश महामंत्री के साथ वह उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं।
विज्ञापन


2014 में वह विधायक बने और मनोहर सरकार में मंत्री बनाए गए। वह मनोहर लाल के करीबी भी हैं। सरकार व कैबिनेट में अब तक रोहतक को प्रतिनिधित्व भी नहीं मिला है। ऐसे में उनके पार्टी अध्यक्ष बनने की संभावना ज्यादा है। पंजाबी होने के की वजह से संजय भाटिया का नाम भी तेजी से चला था, मगर वह इस दौड़ अब पीछे हो गए हैं। दरअसल राज्य के दो बड़े नेता करनाल से ही चुनाव लड़ रहे हैं। मनोहर लाल करनाल लोकसभा से उम्मीदवार हैं और सीएम नायब सिंह सैनी भी करनाल विधानसभा का उपचुनाव लड़ रहे हैं। 

करनाल को अन्य जिलों के मुकाबले ज्यादा प्रतिनिधित्व मिला है। क्षेत्रीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए पार्टी करनाल के बजाय किसी दूसरे शहर से प्रधान नियुक्त करना चाहती है। वहीं, जाट कोटे से सुभाष बराला का नाम चल रहा है। सैनी के मंत्रिमंडल में जाट कोटे के मंत्रियों की संख्या सिर्फ तीन है, जबकि मनोहर सरकार में जाट कोटे के पांच मंत्री थी। वहीं, धनखड़ के हटने के बाद जाटों में नाराजगी थी। बराला भी मनोहर के विश्वासपात्रों में एक हैं। इन समीकरणों के हिसाब से पार्टी के नजरों में बराला फिट बैठते हैं। बराला छह साल तक पार्टी प्रदेश अध्यक्ष का पद भी संभाल चुके हैं।

सुधा यादव के नाम पर भी चर्चा
प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पूर्व सांसद व राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल सुधा यादव का भी नाम चर्चा में है। वह गुरुग्राम व भिवानी-महेंद्रगढ़ से लोकसभा उम्मीदवार के तौर पर मजबूत दावेदार थीं। महिल कार्ड के तौर पर पार्टी उन पर दांव लगा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें