हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला पर प्रदेश की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार पूरी तरह मेहरबान है। गठबंधन के बाद भाजपा ने जजपा को पहले डिप्टी सीएम पद दिया, उसके बाद विभाग आवंटन में मनचाहे एक दर्जन विभाग दिए गए। जजपा कोटे से विधायक अनूप धान को राज्य मंत्री बनाया गया। इसके बाद जेड श्रेणी सुरक्षा दी गई।
सुरक्षा मुहैया कराने के विधानसभा में कमरा नंबर 69 भी आवंटित हो चुका है। इसके अलावा दुष्यंत की जो भी जायज मांगें होंगी, सरकार को उन्हें पूरा करने में कोई परहेज नहीं है। दुष्यंत जिस तरह से भाजपा के साथ सांमजस्य बनाकर चल रहे हैं, भाजपा भी उसी तरह उनके साथ जुगलबंदी कर रही है।
मंत्रिमंडल विस्तार में जजपा कोटे से एक और मंत्री भी बनाया जा सकता है। जिसकी अटकलें जोरों पर हैं। दुष्यंत इस समय पूरा फोकस प्रभावी तरीके से कार्य करने और विवादों से बचने पर कर रहे हैं। वह सरकार को पूरे कार्यकाल तक चलाकर धरातल पर अपनी राजनीतिक जमीन और मजबूत करना चाहते हैं।
प्रदेश में अब तक चांदराम, डॉ. मंगलसेन, बनारसी दास गुप्ता, मा. हुकम सिंह और चंद्रमोहन बिश्नोई डिप्टी सीएम रहे, लेकिन किसी को विधानसभा में कार्यालय आवंटित नहीं हुआ। हुड्डा सरकार में संसदीय कार्य मंत्री के रूप में पहली बार रणदीप सिंह सुरजेवाला को कार्यालय आवंटित हुआ था तो भाजपा सरकार ने नेता प्रतिपक्ष, मुख्य सचेतक व डिप्टी सीएम को कार्यालय देने की परंपरा शुरू की है।