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हरियाणा: खट्टर सरकार ने जारी किया श्वेत पत्र

Mon, 02 Mar 2015 12:55 PM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में विधानसभा के बजट सत्र से पहले ही खट्टर सरकार ने आज वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री खट्टर ने चंडीगढ़ के हरियाणा निवास में इसे जारी करते हुए कहा कि इसे आलोचना के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। उनके साथ वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यू भी मौके पर मौजूद थे।
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सीएम ने स्पष्ट किया कि हरियाणा कभी भी नंबर एक पर नहीं रहा। आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा 11 नंबर पर रहा। हरियाणा का समान रूप से विकास नहीं हुआ। हर कहीं पर प्रति व्यक्ति आय भी समान रूप से नहीं बढ़ी।

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के पहले ही भाजपा ने अपने मेनिफेस्टो में इसकी घोषणा की थी कि राज्य में उनकी सरकार बनने के बाद हुड्डा शासन के दौरान हुई वित्तीय गड़बड़ियों पर श्वेत पत्र लाया जाएगा।
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सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री खट्टर ने नवंबर में ही बयान जारी कर खुलासा किया था कि प्रदेश पर 82 हजार करोड़ का कर्ज है, जो आर्थिक प्रबंधन की कमी दर्शाता है। इसके अलावा करनाल जिले में बुढ़ापा पेंशन में साढ़े चार करोड़ की धांधली की बात भी उन्होंने कही थी। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि उनकी सरकार को खजाना खाली मिला है।
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हुड्डा द्वारा 9 साल में ‌किए गए खर्च का विश्लेषण

सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के आर्थिक हालात पर श्वेत पत्र (दस्तावेज) बनकर तैयार हो गया है। श्वेत पत्र में हुड्डा सरकार के साढ़े नौ साल के कार्यकाल में लिए गए फैसलों, नीतियों, कर्ज राशि के उपयोग और विभिन्न सेक्टरों में किए गए खर्च का विश्लेषण किया गया है।

पता चला है कि श्वेत पत्र में प्रदेश से सभी बोर्डों और निगमों को घाटे में दिखाया गया है। इसके अलावा वर्ष 2006-07 और वर्ष 2007-08 में हुड्डा सरकार द्वारा बजट की तय सीमा से ज्यादा खर्च किए जाने की बात भी सामने आई है।

योजनागत राशि से ही हुड्डा सरकार की ओर से वेतन और पेंशन का भुगतान किए जाने के अलावा प्रदेश के लिए कर्ज से भी काफी बड़ी रकम वेतन और पेंशन में दिए जाने की बात कही जा रही है।
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श्वेत पत्र से भाजपा सरकार को होगा फायदा

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र नौ मार्च से शुरू हो रहा है। उससे ठीक पहले श्वेत पत्र के जरिए भाजपा सरकार अपने आगामी बजट में लिए जाने वाले कड़े फैसलों का ठीकरा पिछली सरकार पर फोड़ती दिखाई दे रही है। हुड्डा शासन में आर्थिक गड़बड़ियों से खजाना खाली हो जाने की बात कहकर भाजपा सदन में भी विपक्ष पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है।

कर्ज के बोझ और सरकारी खजाना खाली होने के कारण सरकार के लिए बड़े वित्तीय फैसले ले पाना कठिन होगा। हालांकि वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु संकेत दे चुके हैं कि बजट में कृषि विकास पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री अनिज विज अपने विभाग का बजट दोगुना करने की मांग कर अड़े नजर आ रहे हैं।

उधर, प्रदेश की जनता और कमोबेश अन्य मंत्री भी बजट से उम्मीदें लगाए बैठे हैं। माना जा रहा है कि श्वेत पत्र के बाद सरकार के लिए कड़े निर्णयों को अपनी मजबूरी कहने में दिक्कत नहीं आएगी।
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