हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र 20 से 22 जनवरी तक चलेगा। मनोहर मंत्रिमंडल ने इसे अपनी सहमति दे दी है। सीएम की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसे लेकर चर्चा हुई। जिसमें आम राय बन गई। तीन दिवसीय सत्र के पहले दो दिन विधायी कार्य होंगे, जबकि तीसरे दिन 22 जनवरी को विधायकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला विशेष तौर पर आ रहे हैं।
सत्र की शुरूआत 20 जनवरी को सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होगी, चूंकि 2020 का यह पहला विधानसभा सत्र है। राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा होगी और इसे सर्व सम्मति से पास कराने का प्रयास रहेगा। सत्र विशेष रूप से एससी, एसटी आरक्षण संशोधन विधेयक को पास कराने के लिए बुलाया जा रहा है। संसद के दोनों सदनों में यह विधेयक पारित हो चुका है।
25 जनवरी 2020 से पहले इसे विधानसभा में पास कराना जरूरी है। इसके पास होने पर हरियाणा की दो लोकसभा और 17 विधानसभा सीटें अगले दस साल के लिए एक बार फिर से एससी के लिए आरक्षित हो जाएंगी। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि संविधान में एससी, एसटी को आरक्षण का प्रावधान है।
शुरू में इसे दस साल के लिए लागू किया गया था, जिसके बाद इसे अभी तक दस-दस साल बढ़ाते आ रहे हैं। इसलिए 20 जनवरी से विधानसभा सत्र शुरू करने की संस्तुति राज्यपाल से की है। 22 जनवरी तक सत्र प्रस्तावित किया गया है। सत्र की अवधि पर अंतिम मुहर बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लगाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि विधानसभा की ओर से सभी विधायकों के लिए एक दिन का प्रशिक्षण शिविर लगाने का सुझाव आया था, जिसे मान लिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला विधायकों को उनके कर्त्वयों, अधिकारों व आचरण के बारे में विस्तार से बताएंगे। प्रशिक्षण शिविर के दौरान हरियाणा के दस लोकसभा व पांच राज्यसभा सांसद भी मौजूद रहेंगे।