विपक्ष ने घेरा तो विज बोले- दोषियों को कम से कम मैं तो नहीं बख्शूंगा
जहरीली शराब पर लगाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान दो साल दबे पड़े शराब घोटाले का जिन्न एक बार फिर से विधानसभा में बाहर आ गया। इनेलो विधायक अभय चौटाला और कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने शराब घोटाले को लेकर सरकार को निशाने पर लिया। विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार इस घोटाले को दबाने के लिए बार-बार कमेटी गठित कर रही है लेकिन कमेटियों की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं जा रही है।
जवाब में विज ने सदन को आश्वस्त किया कि विजिलेंस की रिपोर्ट आने के बाद कम से कम वह तो दोषियों को बख्शने वाले नहीं हैं। विज ने कहा कि इस मामले में विजिलेंस ने 209 शराब ठेकेदारों, पुलिस के 111 अधिकारियों, कर्मचारियों, एक्साइज विभाग के 869 राजपत्रित और गैर राजपत्रित अधिकारियों और 23 डिस्टलरी से संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए हैं। दर्ज बयानों की समीक्षा की जा रही है। विजिलेंस ने एफआइआर भी दर्ज की है, जिसके तहत 63 करोड़ 15 लाख 17 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सात करोड़ रुपये से अधिक रिकवर भी किए जा चुके हैं। कुछ मामले अभी अदालत में विचाराधीन हैं।
टीसी गुप्ता ने की थी जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश
शराब घोटाले की जांच के लिए आईएएस टीसी गुप्ता की अध्यक्षता में गठित एसईटी ने 30 जुलाई 2020 को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसमें अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिशें और आबकारी विभाग के कामकाज में व्यवस्थित सुधार के लिए सुझाव दिए गए थे। इसी मामले में मुख्य सचिव की एक सदस्यीय समिति बनाई गई जो सभी टीमों की रिपोर्ट और सिफारिशों का अध्ययन करेगी और सुधारात्मक उपायों के साथ गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई शुरू करेगी। इसमें टीसी गुप्ता, आईपीएस कला रामचंद्रन, आईपीएस श्रीकांत जाधव की अध्यक्षता में गठित एसआईटी की रिपोर्ट और विजिलेंस ब्यूरो की जांच शामिल होगी।
यह है शराब घोटाला मामला
सोनीपत के खरखौदा में हरियाणा सरकार द्वारा पकड़ी गई शराब को एक गोदाम में रखा गया था। जिस गोदाम में शराब रखी गई थी, उसके मालिक ने पुलिस के साथ मिलकर शराब चोरी करवाई और अवैध रूप से करोड़ों रुपये की विदेशी शराब बेच डाली। शराब घोटाला सामने आने के बाद गृह मंत्री अनिल विज के आदेश पर गृह सचिव विजय वर्धन ने पूरे राज्य में जांच के लिए वरिष्ठ आईएएस टीसी गुप्ता की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की थी।