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Haryana Assembly Session: जहरीली शराब से मौतों पर अभय और विज भिड़े, आंकड़ों पर घिरे विज

Tue, 27 Dec 2022 12:59 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

अनिल विज ने 36 मौतों का हवाला दिया तो अभय ने संसद के आंकड़े पेश कर दिए। आंकड़ों पर पेंच फंसा तो विज ने जांच के आदेश दिए और कहा कि कहा गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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गृह मंत्री अनिल विज और इनेलो विधायक अभय चौटाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जहरीली शराब से सोनीपत और पानीपत में हुई मौतों को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। मौत के आंकड़ों को लेकर इनेलो के विधायक अभय चौटाला और प्रदेश के गृह मंत्री में तीखी नोंक-झोंक हुई। विज ने सदन में आंकड़े रखे कि वर्ष 2016 से अब तक प्रदेश में जहरीली शराब से 36 लोगों की मौत हुई है।

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अभय चौटाला ने इन आंकड़ों को काल्पनिक करार देते हुए हाल ही में संसद में पेश रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें हरियाणा सरकार ने माना है कि इस अवधि में 489 लोगों की मौत हुई है। जिसके बाद गृह मंत्री ने कहा कि, वह इस मामले की जांच कराएंगे और जिसने भी गलत आंकड़े दिए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।

सदन में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान अभय चौटाला ने प्रदेश सरकार पर जमकर हमले किए। चौटाला ने कहा कि जहरीली शराब बनाने और बेचने वाले कौन लोग हैं, उनके नाम उजागर किए जाएं। 2020 में भी जहरीली शराब पीने से 47 लोगों की मौत हो गई थी।
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उस समय भी यह मुद्दा विधान सभा में उठाया था। तब सरकार ने इसकी जांच एसआईटी को सौंप दी थी, लेकिन आज तक कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। जहरीली शराब से हुई मौतों के अलावा चिट्टे की ओवरडोज से भी लगभग 84 मौतें हो चुकी हैं जो 18 से 35 साल के युवा थे

चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार के दावों के उलट नकली शराब का धंधा खत्म होने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। शराब माफियाओं के तार शराब डिस्टलरी तक भी जुड़े हुए हैं। वहीं, कांग्रेस के एनआईटी फरीदाबाद से विधायक नीरज शर्मा और असंध से कांग्रेस विधायक शमशेर गोगी ने भी सरकार को घेरा। दोनों विधायकों ने कहा प्रदेश में नशे की लत से युवाओं की लगातार मौत हो रही है और सरकार नशा तस्करी और जहरीली शराब रोकने में नाकाम है।

थानों के दलालों की लिस्ट सार्वजनिक कर कार्रवाई करे सरकार
अभय ने कहा कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में पूरे प्रदेश में थानों की दलाली करने वालों की लिस्ट तैयार कराई है। फरीदाबाद जिले की लिस्ट में 45 दलालों के नाम हैं। इनमें अमर चेची और राजपाल नागर उर्फ मामा का नाम भी शामिल है। उन्होंने अनिल विज से भी पूछा कि आप भी इनको जानते होंगे। फिर कंवरपाल गुर्जर को संबोधित करते हुए चौटाला ने कहा, आप तो जानते ही हैं। इनेलो विधायक ने मांग रखी कि इन लोगों की जांच कराई जाए कि आखिर ये लोग कौन हैं और सदन को बताया जाए आखिर ये किसके नजदीकी हैं। चौटाला ने मांग की कि पूरे प्रदेश की लिस्ट सार्वजनिक की जाए और इनके खिलाफ एक्शन भी लिया जाए।

विपक्ष ने घेरा तो विज बोले- दोषियों को कम से कम मैं तो नहीं बख्शूंगा
जहरीली शराब पर लगाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान दो साल दबे पड़े शराब घोटाले का जिन्न एक बार फिर से विधानसभा में बाहर आ गया। इनेलो विधायक अभय चौटाला और कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने शराब घोटाले को लेकर सरकार को निशाने पर लिया। विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार इस घोटाले को दबाने के लिए बार-बार कमेटी गठित कर रही है लेकिन कमेटियों की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं जा रही है। 

जवाब में विज ने सदन को आश्वस्त किया कि विजिलेंस की रिपोर्ट आने के बाद कम से कम वह तो दोषियों को बख्शने वाले नहीं हैं। विज ने कहा कि इस मामले में विजिलेंस ने 209 शराब ठेकेदारों, पुलिस के 111 अधिकारियों, कर्मचारियों, एक्साइज विभाग के 869 राजपत्रित और गैर राजपत्रित अधिकारियों और 23 डिस्टलरी से संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए हैं। दर्ज बयानों की समीक्षा की जा रही है। विजिलेंस ने एफआइआर भी दर्ज की है, जिसके तहत 63 करोड़ 15 लाख 17 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सात करोड़ रुपये से अधिक रिकवर भी किए जा चुके हैं। कुछ मामले अभी अदालत में विचाराधीन हैं।
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टीसी गुप्ता ने की थी जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश
शराब घोटाले की जांच के लिए आईएएस टीसी गुप्ता की अध्यक्षता में गठित एसईटी ने 30 जुलाई 2020 को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसमें अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिशें और आबकारी विभाग के कामकाज में व्यवस्थित सुधार के लिए सुझाव दिए गए थे। इसी मामले में मुख्य सचिव की एक सदस्यीय समिति बनाई गई जो सभी टीमों की रिपोर्ट और सिफारिशों का अध्ययन करेगी और सुधारात्मक उपायों के साथ गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई शुरू करेगी। इसमें टीसी गुप्ता, आईपीएस कला रामचंद्रन, आईपीएस श्रीकांत जाधव की अध्यक्षता में गठित एसआईटी की रिपोर्ट और विजिलेंस ब्यूरो की जांच शामिल होगी।

यह है शराब घोटाला मामला
सोनीपत के खरखौदा में हरियाणा सरकार द्वारा पकड़ी गई शराब को एक गोदाम में रखा गया था। जिस गोदाम में शराब रखी गई थी, उसके मालिक ने पुलिस के साथ मिलकर शराब चोरी करवाई और अवैध रूप से करोड़ों रुपये की विदेशी शराब बेच डाली। शराब घोटाला सामने आने के बाद गृह मंत्री अनिल विज के आदेश पर गृह सचिव विजय वर्धन ने पूरे राज्य में जांच के लिए वरिष्ठ आईएएस टीसी गुप्ता की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की थी।
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