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विधानसभा मानसून सत्र: अवैध रजिस्ट्रियों पर हंगामा, सीबीआई जांच की मांग, कांग्रेस का वॉकआउट

Wed, 26 Aug 2020 03:47 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • विपक्ष ने इस मसले पर सरकार को निशाने पर लिया, बन चुके निर्माणों को रेगुलर करने की मांग उठी
  • सरकार ने कहा- आरोपियों के खिलाफ दर्ज हो चुके केस, चल रही है जांच
  • डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष के बीच इस मसले पर तीखी बहस, मगर सदन में संशोधन बिल पास
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उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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हरियाणा विधानसभा सत्र में अवैध रजिस्ट्रियों पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। दरअसल, सरकार ने अवैध रजिस्ट्रियों के खेल पर लगाम कसने के लिए एक बिल हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम संशोधन विधेयक भी सदन में पेश किया।

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मगर विपक्ष ने इस बात का विरोध किया कि बिल में कुछ चीजों अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए इस बिल को टाल दिया जाए। साथ ही विधायकों ने इस बिल का अध्ययन भी अभी तक पूरी तरह नहीं किया है। लिहाजा इस बिल पर अगले विधानसभा सत्र में चर्चा होनी चाहिए। मगर इस बिल को ध्वनि मत के साथ सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।

उधर, इसी संदर्भ में इनेलो के विधायक अभय सिंह चौटाला ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी रखा। जिसे स्वीकार तो किया गया मगर एक दिन का सत्र होने की वजह से इस पर चर्चा को टाल दिया गया। लेकिन इस ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अपना जवाब भी पटल पर रखा। अभय चौटाला ने इस जवाब पर असंतोष जाहिर करते हुए इस पर चर्चा की मांग की। 
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ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि प्रदेश के 32 शहरी इलाकों में 30 हजार से ज्यादा गलत रजिस्ट्रियां होने की सूचना है। गुरुग्राम में ये खेल सबसे ज्यादा चला। यह एक बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है। जिसमें हजारों करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन हुआ और खुले आरोप भी लगे।

सदन में इस जवाब देते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में अचल संपत्तियों का कोई अवैध पंजीकरण नहीं किया गया है। लेकिन कुछ सब-रजिस्ट्रार एवं संयुक्त सब रजिस्ट्रार ने हरियाणा विकास और विनियमन क्षेत्र संशोधन अधिनियम, 2017 की धारा 7 ए के प्रावधान का अनुपालन नहीं किया।

एक सब और पांच संयुक्त रजिस्ट्रारों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई गई है। उन्हें सस्पेंड कर चार्जशीट कर दिया गया है। जबकि गड़बड़ियों के मामले में मानेसर, बादशाहपुर, सोहाना व गुरुग्राम थानों में विभिन्न एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। जांच चल रही है और सरकार इस पर पूरी तरह गंभीर है।

दादा गौतम हुए हमलावर, बोले- यहां कोई दूध का धुला नहीं

जजपा के ही विधायक रामकुमार गौतम (दादा) ने सदन में इसी मसले पर बोलते हुए सरकारों को निशाने पर लिया। दादा गौतम ने कहा कि अवैध कालोनियों और रजिस्ट्रियों के मामले में कोई भी दूध का धुला नहीं है। अवैध कालोनियां पहले भी कटती आ रही थी और अब भी कट रही हैं। 

उन्होंने कहा कि यह सब खेल पैसे खातिर है। कालोनाइजरों द्वारा पैसा चढ़ा दिया जाए तो सब ठीक ठाक, वरना जेसीबी लेकर पहुंच जाते हैं। पहले रजिस्ट्रियों में फर्जीवाड़े के पांच से दस हजार रुपये लगते थे और अब रेट एक लाख रुपये लेते हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी रजिस्ट्रियां हर राज में हुई हैं और खूब हुई है। अब जो मकान बन गए हैं, उन्हें रेगुलर किया जाए।

अफसरों और मंत्रियों पर क्यों न हो कार्रवाई: दौलताबाद
बादशाहपुर के विधायक राकेश दौलताबाद ने कहा कि रजिस्ट्रियों में फर्जीवाड़ों के मामले उनके इलाकों में आए हैं। अवैध कालोनियां कटी और वहां रजिस्ट्रियां भी हुई। एक मकान बनाना आज एक व्यक्ति द्वारा अपनी पूरी जमा पूंजी निवेश करना है। जब अवैध कालोनियों में में अन्य मकानों की रजिस्ट्रियां हो गई तो इसी की देखा देखी और लोगों ने भी यहां प्लाट खरीदे।

मगर अब सरकार की सख्ती के बाद आए दिन नगर योजनाकार का स्टाफ जेसीबी लेकर उनके मकानों के आगे खड़ा हो जाता है। विधायक ने कहा कि अवैध कालोनी में प्लाट खरीदने वाला ही कसूरवार है क्या? इन अवैध कालोनियों में रजिस्ट्री करने वाले अफसरों और संबंधित विभाग के मंत्रियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए, जिनके कार्यकाल में ये गोरखधंधा पनपा। दौलताबाद ने मांग की कि आगे के लिए तो संशोधन विधेयक को लागू किया जाए, मगर अभी तक जो निर्माण हो चुका है। उन्हें रेगुलर कर अवैध कालोनियों में मकान खरीदने वालों को राहत दी जाए।
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हुड्डा का बोले- सीबीआई जांच से क्यों बच रही सरकार

अवैध रजिस्ट्रियों के मामले और संशोधन बिल को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार को जमकर घेरा। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर वार करते हुए कहा कि अवैध रजिस्ट्रियों के मामले में सरकार सीबीआई जांच करवाने से क्यों बच रही ही है। सीबीआई जांच नहीं करवानी तो हाईकोर्ट के सीटिंग जज या फिर विधानसभा की विशेष समिति से इस मामले की जांच करवाई जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। 

हुड्डा का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हुड्डा साहब प्रदेश में सीबीआई की तो कई जांच चल रही है। दरअसल, ये इशारा पूर्व सीएम हुड्डा के खिलाफ चल रही सीबीआई जांच की ओर था। डिप्टी सीएम के इस तंज के बाद कांग्रेसी और बिफर गए और सदन में खूब हंगामा हो गया। हुड्डा ने दो टूक सरकार से पूछा कि सरकार हां या न में सिर्फ ये बताए कि इस मामले की जांच सीबीआई से कवाएगी या नहीं, क्योंकि ये मामला बहुत गंभीर है। 

उधर, कांग्रेसी विधायक बीबी बत्तरा ने कहा कि संशोधन बिल जिसके जरिए अवैध रजिस्ट्रियों के मामले थमने की बात कही जा रही है, उसमें भी कई बातें स्पष्ट नहीं है। उसमें ‘खाली जमीन’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है। मगर ये खाली जमीन कौन से होगी, ये कोई साफ नहीं है। उनके अनुसार इस बिल में संशोधन और पुनर्विचार की जरूरत है। इसलिए इस पर विधायकों की विशेष समिति में चर्चा के लिए भेजा जाए और अवैध रजिस्ट्रियों की जांच अविलंब सीबीआई को सौंपी जाए। जवाब में डिप्टी सीएम दुष्यंत ने कहा कि इस मामले में अलग-अलग एफआईआर दर्ज है और जांच चल रही है। उसके बाद ध्वनि मत से बिल सदन में पास कर दिया गया। इसी बात से नाराज कांग्रेसी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

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