हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। सबसे पहले सीएम मनोहर लाल ने एथलीट नीरज चोपड़ा को विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीरज चोपड़ा और उनके परिवार को बहुत-बहुत बधाई हो। इसके बाद प्रश्नकाल शुरू हुआ।
इस दौरान सदन में बारिश और बाढ़ से फसल के नुकसान का मुद्दा उठा। शाहाबाद विधायक रामकरण काला ने कई स्थानीय समस्याएं उठाई। उन्होंने मारकंडा नदी की सफाई की मांग की। साथ ही कहा कि बाढ़ में सबसे ज्यादा मेरे इलाके में नुकसान हुआ। इस पर कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि पानी की निकासी का पूरा प्रबंध किया जाएगा। इस बार बारिश ज्यादा होने से समस्या आई है।
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प्रश्नकाल के दौरान डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि गन्नौर-शाहापुर सड़क का चौड़ीकरण का कार्य जल्द शुरू होगा। सड़क के निर्माण के लिए नाबार्ड से 19.76 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है। जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
मंत्री पर हंगामा
सदन में मंत्री संदीप सिंह पर हंगामा हो गया। संदीप सिंह सदन में बैठे हैं। कांग्रेस ने उन्हें बर्खास्त करने की मांग की जिस पर स्पीकर ने कहा कि मामला कोर्ट में है। इसके बाद कांग्रेसी बाहर चले गए। कुछ देर बाद कांग्रेस नेता लौटकर आए और फिर हंगामा किया। इसके बाद सीएम मनोहर लाल खड़े हुए और उन्होंने साफ कहा कि संदीप सिंह का इस्तीफा नहीं लिया जाएगा। मनोहर लाल ने कहा कि विपक्ष किसी एक्शन के लिए बाध्य नहीं कर सकता। हमने बोलना शुरू किया तो धज्जियां उड़ जाएंगी। इस पर हुड्डा भड़क गए और उन्होंने कहा कि ये लोकतांत्रिक भाषा नहीं है। इस पर स्पीकर ने कहा कि यदि यह शब्द अलोकतांत्रिक शब्दों की बनी हमारी सूची में नहीं होगा तो यह डिलीट हो जाएगा।
नूंह हिंसा पर सदन स्थगित
नूंह हिंसा पर सदन में भारी हंगामा हुआ। विपक्ष चर्चा की मांग पर अड़ गया जिसके बाद सदन आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया। कांग्रेस ने इस मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से करवाने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि साजिश हुई है तो इस मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाई जाए। अगर यह सोची समझी साजिश है तो जांच में जनता को पता चल जाएगा। वहीं भाजपा के विधायक सत्यप्रकाश ने कांग्रेस विधायक मामन खान के बयान प्याज के छिलके की तरह फोड़ देंगे को उठाया।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही फिर हंगामा हो गया। विपक्ष मामले की चर्चा पर अड़ा हुआ है वहीं स्पीकर ने कहा कि मामला कोर्ट में है इसलिए चर्चा नहीं होगी। इसके बाद स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता और भूपेंद्र हुड्डा के बीच बहस हो गई। इसके बाद सदन दोबारा स्थगित कर दिया गया।
विज बोले-नूंह हिंसा कांग्रेस का किया धरा
गृह मंत्री अनिल विज ने नूंह की घटना को बहुत ही गलत घटना करार देते हुए कहा कि हमारी सरकार प्रजातांत्रिक एवं धर्म-निरपेक्ष सरकार है और हर धर्म के लोगों को अपनी-अपनी मान्यताओं के अनुसार धार्मिक गतिविधियों को करने की इजाजत है।
विज ने कहा कि नूंह की घटना में अब तक जो जांच हुई है, उसके तहत 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी भूमिका नजर आ रही है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि नूंह की घटना कांग्रेस का किया धरा है, लेकिन यह (कांग्रेस) सच्चाई सुनना नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे अफसोस है कि इस संबंध में जांच के मामले में कांग्रेस के विधायक मामन खान को नोटिस जारी किया गया है और यह कांग्रेस का ही किया-धरा है।
हुड्डा ने जताया एतराज
इसके बाद पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि गृह मंत्री अनिल विज ने नूहं हिंसा में कांग्रेस का नाम लिया है। इस पर चर्चा करवाई जाए या फिर जो अनिल विज ने बोला, उसे कार्यवाही से निकाला जाए। इस पर स्पीकर ने कहा कि उनके शब्दों को कार्यवाही से निकाल दिया जाएगा। कांग्रेस सदस्यों ने जो गलत बोला है, उसको भी निकाला जाएगा। जिस पर हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने नूंह हिंसा में किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया।
अल्प अवधि सूचना को ध्यानाकर्षण में मंजूर करने पर दुष्यंत नाराज
दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ने कहा कि कांग्रेस के विधायक राव दान सिंह समेत अन्य से अल्प अवधि सूचना प्रस्ताव मिला है जिसे ध्यानाकर्षण में मंजूर किया गया है। इस पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने विधानसभा के नियमों के मुताबिक एतराज जताया और कहा कि अल्प अवधि को ध्यानाकर्षण में तब्दील नहीं किया जा सकता है। दुष्यंत ने कहा कि विधानसभा में गलत परंपरा शुरू नहीं की जानी चाहिए क्योंकि सदन में अल्प अवधि को ध्यानाकर्षण में नही बदला जा सकता है। इस पर स्पीकर ने कहा विधानसभा नियम और कन्वेंशन से चलती है। स्पीकर ने कहा कि 7 अगस्त 2012 को अल्प अवधि को कॉलिंग अटेन्शन में बदला जा चुका है। इसके अलावा भी स्पीकर ने कई अन्य रेफरेंस से एसए को सीए में बदले जाने की जनकारी दी। हालांकि डिप्टी सीएम के एतराज के चलते अल्प अवधि को ध्यानाकर्षण में बदलकर चर्चा करने को 30 मिनट स्थगित किया गया।
फसल बीमा पर दी जानकारी
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि फसल बीमा को लेकर एक डॉक्यूमेंट सदन में रखना चाहता हूं। सत्र के पहले दिन एक सदस्य ने मुझे झूठा बताया और फसल बीमा जबरदस्ती करने का आरोप लगाया था। दलाल ने कहा कि ये तथ्य देखकर मुझ पर आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई की जाए। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्थिति को स्पष्ट किया और कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत एक सप्ताह पहले फसल का बीमा करवाना है या नहीं इसकी जानकारी बैंक को एक फार्म के जरिए देनी है। सीएम ने कहा अगर लोनी किसान फॉर्म नहीं भरता तो उसकी फसल के बीमा का पैसा ऑटोमेटिक कट जाएगा।