ऐसा भी पहली बार हुआ जब सत्र में प्रश्नकाल, शून्यकाल नहीं रखे गए। प्रश्नों का लिखित जवाब विधायकों को भेजा गया। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर भी चर्चा नहीं हुई। कांग्रेस व इनेलो के तीस अन्य ध्यानाकर्षण प्रस्तावों व चार काम रोको प्रस्ताव पर अब आगामी सत्र में विचार किया जाएगा। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता के कोरोना संक्रमित होने के कारण कार्यवाहक स्पीकर का दायित्व निभा रहे डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा पूरे रंग में दिखे।
कांग्रेस और इनेलो ने उन पर दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन विधानसभा नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने विपक्षी विधायकों की एक न चलने दी। इनेलो विधायक अभय चौटाला की तो गंगवा के साथ तीखी बहस हुई। चौटाला ने उन पर अनेक आरोप लगाए लेकिन कार्यवाहक स्पीकर नियमों को आधार बनाकर डटे रहे और उनके दबाव में नहीं आए। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल व अन्य कांग्रेसी विधायकों ने भी स्पीकर से काफी बहस की।
किरण चौधरी समेत कुछ विधायक सत्र से गैरहाजिर भी रहे। कोरोना संक्रमित होने के कारण परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा, कृषि मंत्री जेपी दलाल, भाजपा विधायक हरविंद्र कल्याण, लक्ष्मण नापा, असीम गोयल, रामकुमार कश्यप सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले पाए। अधिकारी दीर्घा में भी एक कुर्सी पर एक ही अफसर बैठा। उनके बगल की कुर्सी पर लाल रंग से क्रॉस का निशान बना हुआ था। सभी विधायकों को दस्ताने, सैनिटाइजर व जूते के ऊपर पहनने के लिए कवर दिए गए थे। सीएम की सीट खाली रही। कार्यवाहक स्पीकर रणबीर गंगवा डिप्टी स्पीकर वाले आसन पर ही विराजमान हुए।
वीडियो देखें- हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब भी करें-