हरियाणा के रण में पंजाब भाजपा ने भी पार्टी उम्मीदवारों के हक में लड़ाई लड़ने का फैसला किया है, लेकिन त्योहार सिर पर हैं। इसके अलावा हरियाणा आने-जाने और रहने का कोई इतंजाम नहीं किया गया, जिस कारण वर्कर वहां जाने से हिचकिचा रहे हैं। पंजाब भाजपा की फौज अब तक हरियाणा की जंग में नहीं उतर पाई है।
पंजाब भाजपा को हरियाणा के दो जिलों करनाल और पानीपत की दस सीटों पर चुनाव प्रचार की जिम्मेवारी सौंपी गई है। इसको लेकर 18 सितंबर को फिरोजपुर में पार्टी की बैठक हुई। जिसमें प्रदेश प्रधान कमल शर्मा, राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ और मालवा के इंचार्ज जगतार सैनी भी मौजूद थे। सैनी को हरियाणा चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक में बठिंडा, मानसा, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, फिरोजपुर, मोगा, बरनाला, संगरूर, पटियाला जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदेश नेतृत्व ने उन्हें हिदायत दी थी कि वे जिलों के सभी सेल व मोर्चों और मंडल पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करें। हर जिले से दो-दो वर्कर हरियाणा लेकर जाएं। सभी को बीस सितंबर को हरियाणा पहुंचने की हिदायत दी गई थी।
पार्टी ने कहा था, खुद उठाना होगा खर्चा
दिलचस्प बात यह थी कि मीटिंग में पार्टी नेतृत्व ने यह साफ कर दिया था कि हरियाणा आने-जाने और रहने की व्यवस्था सभी को खुद ही करनी होगी। एक तरफ खर्च का इंतजाम और दूसरी तरफ त्योहार सामने हैं। 25 से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। उसके बाद दशहरा, फिर करवा चौथ है।
पार्टी पदाधिकारियों का बड़ा वर्ग कारोबारी है, जिनके लिए यह पीक सीजन है। ऊपर से सारी व्यवस्था खुद करना एक बड़ी मुसीबत बन गया है। वर्करों को लग रहा है कि पंजाब में तो उनकी सुनवाई होती नहीं, हरियाणा के कैंडिडेट और पदाधिकारी क्या पूछेंगे।
रहने-खाने और घूमने का इंतजाम उन्हें खुद ही करना पड़ेगा। जिस कारण ज्यादातर जिलों से अभी वर्कर हरियाणा नहीं गए हैं। कुछ जिला प्रधान ही रस्म अदायगी के लिए हरियाणा पहुंचे हैं। उनका इरादा भी अभी हाजिरी लगाकर लौट आना है। तरुण चुघ और जगतार सैनी बीस सितंबर को जरूर हरियाणा पहुंच गए थे।
सभी जिलों से 200-200 वर्कर हरियाणा जाएंगे
सभी जिलों से दो-दो सौ वर्कर हरियाणा ले जाने को कहा गया है। कुछ जिला व मंडल प्रधान 20 को, कुछ 21 को आए हैं। वे अभी ड्यूटी साइट देखकर जा रहे हैं, 1-2 दिन बाद वर्करों को लेकर आएंगे। अब तक 8-9 जिलों के पदाधिकारी आए हैं।
बरनाला के 22 वर्कर रविवार को ही पानीपत पहुंचे हैं। वर्करों से आने-जाने और रहने की व्यवस्था खुद ही करने को कहा गया है। क्योंकि सभी पार्टी की जीत के लिए काम कर रहे हैं।
- जगतार सैनी, प्रदेश महासचिव और मालवा इंचार्ज, भाजपा।