पिहोवा में भाजपा ने हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह को उतारा था। उनकी काफी फैन फालोअिंग हैं, लेकिन वह क्षेत्र की जनता को बीते चुनाव की तुलना ज्यादा संख्या में मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंचा पाए। पिहोवा में बीते चुनाव की तुलना दस प्रतिशत कम वोट हैं। बड़ौदा सीट पर पहलवान योगश्वर दत्त मैदान में हैं, यहां भी बीते चुनाव के मुकाबले पांच प्रतिशत कम वोट पड़े हैं। योगेश्वर भी मतदाताओं में जोश नहीं भर पाए। दादरी में जानी-मानी पहलवान बबीता फौगाट को भाजपा ने चुनाव लड़वाया।
बबीता कुश्ती के लिए तो विश्व प्रसिद्ध हैं, लेकिन उनके हलके में भी मतदाताओं में ज्यादा उत्साह नहीं दिखा। दादरी में 2014 की तुलना दस प्रशित कम मतदान हुआ है। आदमपुर में टिकटॉक गर्ल सोनाली फौगाट मैदान में थी, मतदान प्रतिशत बीते चुनाव की तुलना यहां दो फीसदी ही कम रहा है। यानि कांग्रेस दिग्गज कुलदीप बिश्नोई व सोनाली की जंग में मतदाताओं ने अच्छा खासा वोट किया है। 2014 में 78.28 फीसदी मतदान हुआ था। 2019 में 75.70 प्रतिशत वोट पड़े हैं।
मतदाताओं का मूड नहीं भांप पाए दल
हरियाणा में सभी राजनीतिक दल अपने-अपने प्रचार में जुटे रहे। दलों के नेता मतदाताओं का मूड भांपने में पूरी तरह चूक गए। उन्हें इस बात का बिल्कुल भी आभास नहीं हुआ कि मतदाताओं में मतदान को लेकर उत्साह कम है। शहरी क्षेत्र में कम मतदान होना भी भाजपा के लिए चिंता का विषय है, चूंकि शहरी मतदाताओं को भाजपा से जोड़कर देखा जाता है। भाजपा भी यह अहसास नहीं कर पाई कि शहरों में इस बार रुख लोकसभा चुनाव की तुलना जुदा है।