हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 में मुद्दे जीत का आधार बनेंगे और मुद्दों को लेकर कई दिग्गज पहले से ही अपना घोषणा पत्र पेश कर चुके हैं। सूबे में प्रधानमंत्री मोदी की रैली के बाद से ही राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। ऐसे में सत्ता की पिच पर बैटिंग करने का सपना देख रहे नेताओं ने अपना दम-खम दिखाना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल जहां जन आशीर्वाद यात्रा के माध्यम से अपने किए कार्यों का बखान कर चुके हैं। वहीं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा गोहाना रैली से अपना घोषणा पत्र जनता के सामने रख चुके हैं।
जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला भी जींद के पांडु पिंडारा से अपना घोषणा पत्र जनता के सामने पेश कर चुके हैं। जबकि इनेलो की तरफ से की जाने वाली घोषणाओं का इंतजार है। पिछले दिनों सरकार की तरफ से निकाली गई जन आशीर्वाद यात्रा ने हरियाणा की सभी 90 विधानसभाओं का दौरा किया है। जिसमें जनता का समर्थन तो मिला है, लेकिन भाजपा को एक बार फिर से अपने किए गए कामों का बखान जनता के बीच करना पड़ा है। माना जाता है कि चुनाव से पहले सरकार को जनता के बीच जाकर यह बताना जरूरी होता है कि सरकार ने पिछले पांच साल में क्या काम किए।
सीएम मनोहर लाल शुरुआत से यह कहते भी आए हैं कि तीन साल तक हम योजनाओं पर काम करेंगे और चौथे साल में योजनाएं मूर्त रूप लेने लगेंगी। पांचवा साल आते-आते हम जनता के बीच अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर जाएंगे और दोबारा सरकार बनाने की बात कहेंगे। अपने तैयार किए गए रोडमैप पर भाजपा का रथ चल रहा है। मुद्दों को आधार बनाकर सीएम ने हरियाणा भर में चुनाव जितवाने की अपील की है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा लोकसभा चुनाव के बाद से लगातार यह कह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में लहर थी।
यह चुनाव छद्म राष्ट्रवाद के आधार पर भाजपा ने जीत लिया, लेकिन विधानसभा चुनाव में मुद्दे अलग होंगे। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में 154 वादे किए थे जो कि अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। उनका कहना है कि हम जनता के बीच स्थानीय मुद्दों को लेकर चुनाव में कूदेंगे। अभी तक लोग 24 घंटे बिजली, रोजगार, स्वामीनाथन रिपोर्ट और किसानों की आय दोगुनी होने का इंतजार कर रहे हैं।
मनोहर लाल ने पढ़ाया पांच साल का पाठ
मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में कूदे सीएम मनोहर लाल जनता को 5 साल का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि न खाया है न ही खाने देंगे। बल्कि जो पिछला खाया हुआ बैठे हैं। वह भी निकाल लेंगे। वे जनता को यह बता रहे हैं कि ग्रुप डी की भर्ती पारदर्शी ढंग से हुई। इसमें पर्ची-खर्ची का प्रयोग नहीं हुआ। उनका कहना है सीएमओ तक जाने वाली सीएलयू की फाइल अब बंद हो चुकी है। हरियाणा में ट्रांसफर के नाम पर सचिवालय में सक्रिय रहने वाले बिचौलियों का भी आना बंद हो गया है। अब सरकार अगली पंच वर्षीय योजना लागू करने की ओर अग्रसर है।
कांग्रेस ने रोहतक से ही कर दिया मुददों का आगाज
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गोहाना रैली में घोषणाओं की झड़ी लगा दी। जनता के सामने लुभावने वादे कर हुड्डा ने यह साफ कर दिया कि कांग्रेस सत्ता में आई तो जनता की पौ बारह होगी। अपना पिछला कार्यकाल याद दिलवाते हुए हुड्डा ने यहां से चार डिप्टी सीएम बनाने तक की घोषणा कर डाली। किसानों लोन माफ करना किसानों का, बिजली फ्री, महिलाओं के लिए रोडवेज में सफर फ्री, बीपीएल महिलाओं को सीधे 2000 खाते में, बीपीएल दो रुपये में दाल चावल, 75 फीसदी नौकरियों पर हरियाणवियों का अधिकार, हर घर में एक आदमी को सरकारी नौकरी
दुष्यंत ने 2018 में ही दिखा दिए थे सपने
हरियाणा जेजेपी के प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने 2018 में नई पार्टी बनाते ही जनता को जनसेवा के वादे कर दिए थे। ताऊ देवीलाल द्वारा लागू किए गए बुढ़ापा पेंशन के फैसले को आगे बढ़ाते हुए दुष्यंत ने भी इसमें इजाफे का ऐलान करते हुए एचटेट की परीक्षा हटाने का ऐलान कर दिया था। वह बात अलग है कि भाजपा की वर्तमान सरकार ने एचटेट परीक्षा की अवधि चुनाव आने से पहले ही बढ़ा दी है। इसके अलावा दुष्यंत ने कई अन्य लोक लुभावनी घोषणाओं का जनता के सामने वादा किया था। जिसे देख कर जनता भी उत्साहित थी। अब आने वाले समय में चुनाव नतीजे देख कर ही यह कह पाना संभव होगा कि किसकी घोषणाएं हरियाणा की जनता को रास आईं।
यह रहेंगे मुद्दे
भाजपा भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी शासन का मुद्दा लेकर मैदान में आएगी
कांग्रेस अपने घोषणापत्र में रोहतक रैली में कही गई बातों के अलावा अन्य वादे शामिल करेगी
जेजेपी भी जींद रैली के वादों के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी
इनेलो ताऊ देवीलाल की विरासत को आगे बढ़ाते हुए मैदान में उतरेगी
राष्ट्रवाद और 370 भी रहेगा बड़ा मुद्दा
हरियाणा में चुनाव भले की स्थानीय मुद्दों पर हो, लेकिन इस चुनाव में अनुच्छेद 370 और राष्ट्रवाद भी एक प्रभावी मुद्दा रहेगा। भाजपा इस मुद्दे को भी चुनाव में भुनाने का प्रयास करेगी। ऐसे में मंदी और मोटर व्हीकल एक्ट का राग अलाप रहा विपक्ष इन दोनों मुद्दों का कितना लाभ ले पाएगा यह कहना मुश्किल होगा। बहरहाल सरकार ने 23 सितंबर को हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस के रूप में मनाने का ऐलान कर दिया है। इस दिन सभी स्थानों पर कार्यक्रम और गोष्ठियां होंगी।