selja kumari, bhupinder singh hooda, Manohar lal Khattar
हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विरोधी दल ऐसे मुद्दे तैयार कर रहे हैं, जिस पर मौजूदा भाजपा सरकार की घेराबंदी की जा सके। इन मुद्दों में इस बार एनआरसी (नेशनल रजिस्टर आफ सिटीजन) का मुद्दा भी हरियाणा में उछलेगा। वजह है खुद सीएम मनोहर लाल का पंचकूला में दिया वो बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि असम के बाद हरियाणा में भी एनआरसी लागू की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया था यदि भाजपा सरकार दोबारा आई तो इस दिशा में आगे कार्रवाई होगी।
सीएम यह भी कह चुके हैं कि भाजपा के लिए एनआरसी चुनावी मुद्दा नहीं है। विरोधियों ने सीएम की इस घोषणा पर भाजपा को घेरने की तैयारी की है। हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी सैलजा कह चुकी हैं कि चुनावों को देखते हुए सीएम मनोहर लाल ऐसी बातें कर रहे हैं। उनके अनुसार एनआरसी क्या है, सरकार रहते है तो सीएम मनोहर लाल को यह सब कुछ याद नहीं आया, अब भाजपा अपने फायदे के लिए इसे मुद्दा बनाकर इसे भुनाना चाहती है।
दूसरी ओर, सैलजा से अलग कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा यह कहते हुए कि ‘एनआरसी एक कानून है, बाहरियों को जाना होगा, यह सरकार की जिम्मेदारी है वह इनकी पहचान करे’ एक तरह से भाजपा का ही समर्थन कर दिया था। उधर, हरियाणा भाजपा के प्रभारी डा. अनिल जैन इस मसले पर भाजपा की राय स्पष्ट कर चुके हैं। उनके अनुसार भाजपा सीएम मनोहर लाल के हरियाणा में एनआरसी लागू करने के फैसले पर अडिग है।
उनका कहना है कि एनआरसी का कानून हमारे वक्त में नहीं, बल्कि कांग्रेस कार्यकाल में ही तैयार हुआ था। कानून बनाकर कांग्रेस ने इस पर आगे कार्रवाई नहीं की। अब जब मोदी सरकार इस कानून को पूरे देशभर में लागू करते हुए कार्रवाई करना चाहती है तो विरोधियों को दिक्कत क्यों हो रही है।