इसी प्रकार, जिला मेवात में अधिकतम 342 अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान की गई है। इसके अलावा गुरुग्राम में 308, सिरसा में 292, झज्जर में 254, फरीदाबाद में 199, पानीपत में 143, अंबाला में 142, रोहतक और फतेहाबाद में 141, कुरुक्षेत्र में 119, पंचकूला में 98, यमुनानगर में 78, कैथल में 29, करनाल में 24, सोनीपत में 64, जींद में 29, हिसार में 49, हांसी में 46, भिवानी में 85, दादरी में 91, महेंद्रगढ़ में 107, रेवाड़ी में 60 और पलवल में 82 मतदान केंद्र अति संवेदनशील करार दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 10,309 स्थानों पर कुल 19,500 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
यह बनाया गया आधार
भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के तहत ऐसा बूथ जहां पिछले आम चुनाव में 90 प्रतिशत मतदान हुआ है और किसी एक उम्मीदवार के पक्ष में 75 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है, ऐसा मतदान केंद्र अति जोखिमपूर्ण बूथ की श्रेणी में रखा गया है। जबकि अति संवेदनशील मतदान केंद्र या क्षेत्र वह है जहां मतदाताओं को पिछले चुनावों में गैरकानूनी साधनों का उपयोग करके वोट देने के लिए डराया या प्रभावित किया गया था और आगामी चुनाव में इसकी संभावना है। इस मैपिंग के बाद जिला अधिकारियों को मतदान से पहले और यहां तक कि मतदान के दिन तक कार्रवाई करने की आवश्यकता होती है, ताकि ऐसे बूथों पर स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो सके।
उड़ रही आचार संहिता की धज्जियां, 870 शिकायतें पहुंची
हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान विभिन्न हलकों में आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही। कैथल में ऐसे मामला सबसे ज्यादा आ रहे हैं। इसकी शिकायत लोग चुनाव आयोग के मोबाइल पर सी-विजिल पर कर रहे हैं।
अभी तक सी-विजिल पर 870 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 862 का निवारण हो चुका है। कैथल से सबसे ज्यादा शिकायतें सी विजिल पर प्राप्त हुई हैं जो कुल शिकायतों का 25 प्रतिशत है। लोग आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने संबंधी फोटो खींचकर इस एप पर अपलोड कर रहे हैं।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने भी आमजन से अनुरोध किया है कि वे सी-विजिल मोबाइल एप के माध्यम से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन होने की शिकायत दर्ज करवाएं और चुनावों को निष्पक्ष, स्वच्छ और पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दें।